निजी भूमि हो या पैतृक। कच्चा या पक्का मकान। चौहद्दी से लेकर भुजाओं की माप और नाम, पता, वल्दियत संग यूनिक आईडी से पहचान। यह सब होगा घरौनी में। जो गांव में रहने वालों के लिए उनकी संपत्ति की मिल्कियत का कानूनी आधार बनेगी। जिससे भूमि विवाद खत्म होंगे। जरूरत पर बैंक से आसानी से उधार भी मिल जाएगा।
राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना के तहत शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देशभर के 50 हजार गांव में 65 लाख घरौनी (प्रॉपर्टी कार्ड) का वर्चुअल वितरित किया। बाग फरजाना स्थित संस्कृति भवन में वर्चुअल वितरण का प्रसारण हुआ। जहां 20 लाभार्थियों को केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक डॉ. जीएस धर्मेश व पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने घरौनियां बांटी।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि जिले के 600 गांव में 1.36 लाख घरौनियां तैयार हो चुकी हैं। सदर सहित सभी तहसील, ब्लॉक व पंचायतों में शनिवार को 47 हजार घरौनी वितरित की गईं। उन्होंने कहा कि घरौनी से कई फायदे हैं। भूमि विवाद का निस्तारण आसान होगा। स्वामित्व का अधिकार मिलने से ऋण व अन्य वित्तीय लाभ ग्रामीण आबादी क्षेत्र में मिल सकेंगे।
एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि घरौनी में 20 बिंदुओं पर भूमि क्षेत्र की जानकारी है। घर का नक्शा, चौहद्दी, पैमाइश से लेकर यूनिक आईडी अंकित है। उधर, वर्चुअल समारोह में पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश, सियोनी निवासी मनोज, महाराष्ट्र के नागपुर निवासी रोशन लाल पाटिल, उड़ीसा में रायगढ़ निवासी संगीता और जम्मू कश्मीर सांबा निवासी वीरेंद्र कुमार से घरौनी व उसके लाभ पर चर्चा की।
इस दौरान सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार, एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला, तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गिर्राज कुशवाह, महामंत्री शिव कुमार प्रमुख आदि मौजूद रहे।
शहर में भी जल्द शुरू होगा ड्रोन सर्वे
ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की तरह शहरी आबादी क्षेत्र में रहने वालों के लिए भी घरौनी बनेंगी। इसके लिए ड्रोन से सर्वे होगा। नगर निगम इस योजना को अमली जामा पहनाएगा। नगर निगम सीमा के 100 वार्डों में प्रत्येक घर, दुकान, भवन से लेकर अन्य संपत्तियों का सर्वे कर घरौनी बनाई जाएंगी।