कासगंज। एक तो संक्रमण का डर, दूसरा गांव में पंचायत चुनाव। प्रवासियों को तो घर आना ही है क्यों कि उन्हें डर सता रहा है। इस बीच उन्हें दोहरे लाभ का फायदा गिनाकर पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी घर बुला रहे हैं। कह रहे हैं कि संक्रमण से बचाव के लिए घर भी आ जाएंगे और किराया भी प्रवासियों का खर्च नहीं होगा। प्रत्याशी स्वयं वहन करेंगे। ऐसे में इस बार प्रत्याशी अहम निर्णायक की भूमिका निभा सकते हैं।
वैसे तो हर चुनाव में प्रत्याशियों को फोकस रहता है कि गांव से बाहर के परदेसियों को अपने खर्चे पर बुलाकर अपने पक्ष में मतदान कराया जाए। क्योंकि बाहर रहने वाले वोटरों के मतदान को प्रत्याशी अपनी जीत का सबसे अच्छा आंकड़ा मानते हैं, लेकिन इस बार तो प्रवासी स्वत: ही परदेश से लौट रहे हैं। कारण है कि कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है और दिल्ली, महाराष्ट्र सहित बड़े शहरों में संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वहां से लौटना ही प्रवासी उचित समझ रहे हैं।