मथुरा के राधाकुंड में रहकर गोवंश की सेवा में जीवन समर्पित करने वाली जर्मनी की सुदेवी दासी को भारत छोड़कर जाना पड़ सकता है। 'जर्मन माई' के नाम से प्रसिद्धि पा चुकीं सुदेवी दासी को कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति द्वारा गो सेवा के लिए पदमश्री से सम्मानित किया गया है।
सुदेवी के वीजा की अवधि 25 जून को समाप्त हो रही है। अगर वीजा की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो उन्हें 1800 गोवंश को छोड़ अपने देश जर्मन वापस जाना पड़ेगा। सुदेवी दासी ने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए भारत सरकार को प्रार्थना पत्र भेजा गया था, जिसे सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है। सुदेवी दासी ने कहा कि वो शीघ्र सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली जाएंगी।
गो भक्त सुदेवी दासी के अनुसार उन्होंने 38 वर्ष पहले राधाकुंड में गोशाला की स्थापना की थी। बीमार एवं अनाथ गायों की सेवा की। वर्तमान में गोशाला में 90 लोग गायों की सेवा करने के लिए काम कर रहे हैं। एक पशु डॉक्टर, बीमार गायों को लाने-ले जाने के लिए दो एंबुलेंस गोशाला में हैं।