गीतांजलि श्री को मिला अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार
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मैनपुरी में जन्मी साहित्यकार गीतांजलि श्री को उनके लेखन पर बुकर पुरस्कार दिए जाने से ब्रज के साहित्यकार भी प्रफुल्लित हैं। उनका मानना है कि गीतांजलिश्री की इस उपलब्धि से ब्रज का मान बढ़ा है। यह किसी क्षेत्र विशेष के लिए नहीं बल्कि भारत के लिए खुशी और गौरव की बात है। उनकी यह उपलब्धि युवा साहित्यकारों को प्रेरित करेगी।
हिंदी का गौरव बढ़ा है
साहित्यकार पद्मश्री ऊषा यादव ने बताया कि गीतांजलि को बुकर पुरस्कार मिलना देश के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान हिंदी भाषा और हिंदी के साहित्यकारों के लिए गौरव की बात है। एक-एक करके उन्होंने सारी सीढ़ियां पार कीं और आखिर में इस सम्मान की हकदार बनीं, यह बहुत अच्छी बात है। उन्होंने एक इतिहास लिखा है।