लॉकडाउन से पहले 17 मार्च से पर्यटकों के लिए बंद चल रहे ताजमहल के पश्चिमी गेट पर कचरा फेंक कर डलावघर में तब्दील कर दिया गया है। ताज के पश्चिमी गेट स्थित नीम तिराहे पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जबकि ताज के दो किमी क्षेत्र में सफाई के लिए निजी कंपनी भारतीय विकास ग्रुप (बीवीजी) को हर महीने 26.39 लाख का भुगतान किया जा रहा है।
ताजमहल पर्यटकों के लिए बंद है। ऐसे में निजी कंपनी बीवीजी के पास केवल ताजगंज की सफाई का जिम्मा है। पहले हर दिन 25 से 30 हजार सैलानी ताजमहल आते थे।
इतने सैलानियों के आने पर कचरे को हटाने की जिम्मेदारी कंपनी की थी, लेकिन तीन महीने से ताजमहल बंद होने से वह भी नहीं किया जा रहा है। इसके उलट पश्चिमी गेट पर ही कूड़े के ढेर लगा दिए गए जिन्हें 10 दिन से उठाया ही नहीं गया है।
कमिश्नर नाराज, निगम अफसर मेहरबान
ताजमहल के दो किमी दायरे में सफाई की जिम्मेदारी संभाल रही बीवीजी (भारतीय विकास ग्रुप) कंपनी की सफाई की जांच कई बार कमिश्नर अनिल कुमार करा चुके हैं, उन्हें एक बार भी ताज के नजदीक सफाई नहीं मिली। कमिश्नर की नाराजगी के बाद भी कंपनी का करार बरकरार है।
दरअसल, नगर निगम के अधिकारी बीवीजी कंपनी पर मेहरबान है और हड़ताल या काम बंदी के बाद भी उसे हर महीने पूरा भुगतान किया जाता है। ताजमहल के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट के साथ दो किमी दायरे में सफाई व्यवस्था में ढिलाई पर कमिश्नर अनिल कुमार मंडलीय बैठक में नाराजगी जता चुके हैं।
जितना सुंदर ताज, उतना ही गंदा ताजगंज
जितना सुंदर ताजमहल है उतना ही गंदा ताजगंज है। प्राइवेट कंपनी ने हालात और खराब कर दिए हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर और नालियों से दुर्गंध आती है - हाजी ताहिरउद्दीन निवासी, ताजगंज
नीम तिराहे के पास कूड़े के ढेर लगा दिए गए हैं। कंपनी के कर्मचारी पहले भी नजर नहीं आते थे और अब भी नजर नहीं आते। ताज के पास, ताजगंज में सफाई व्यवस्था एकदम खराब है - मुनव्वर अली निवासी, ताजगंज