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आगरा: गैंगस्टर बेटे पर कार्रवाई, सदमे से मां की मौत, आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रख लगाया जाम

Fri, 10 Sep 2021 12:13 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

पुलिस ने बुधवार को नशे की दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले गैंगस्टर संजीव गुप्ता सहित छह दवा माफिया की 6.16 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने संजीव गुप्ता के मकान के एक कमरे में ताला लगाया था। परिवार को 24 घंटे में घर खाली करने का समय दिया था। इसी सदमे से गैंगस्टर की मां की मौत हो गई। 
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आगरा: सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में मकान जब्त होने के बाद नशे की दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में जेल भेजे गए आरोपी न्यू आदर्श नगर निवासी संजीव कुमार गुप्ता की मां प्रेमलता की बृहस्पतिवार सुबह हृदय घात से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की टीम ने पिता के नाम मकान को जब्त करने की कार्रवाई की। इसके सदमे में प्रेमलता की जान चली गई। परिजनों ने जब्तीकरण करने वाले पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। शाम को परिजनों ने वाटर वर्क्स पर शव रखकर जाम लगाया। एक घंटे तक हंगामा हुआ। एसपी सिटी विकास कुमार के आश्वासन के बाद जाम खुल सका।

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जयपुरिया गैंग के अनिल द्वारिका उर्फ अनिल सिंधी उर्फ अनिल करीरा, सूर्यकांत गुप्ता, चंद्रकांत उर्फ पंकज गुप्ता, किशन कुमार अग्रवाल, अमित मित्तल और संजीव कुमार गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर की धारा 14 (1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की थी।

 

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आगरा: मृतका के शोकाकुल परिजन व रिश्तेदार - फोटो : अमर उजाला
न्यू आदर्श नगर निवासी संजीव कुमार गुप्ता के मकान और क्रेटा कार को जब्त करने, जबकि केनरा बैंक खाते में जमा 2.94 लाख रुपये को फ्रीज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मकान में संजीव गुप्ता ने 21 लाख रुपये जीर्णोद्धार में खर्च किए थे। इसलिए मकान पर भी सील करने की कार्रवाई होनी थी। मगर, घर में परिवार रह रहा था। इस पर पुलिस संजीव गुप्ता के कमरे पर सील लगा आई थी। घर को खाली करने के लिए परिवार को 24 घंटे का समय दिया गया था। पुलिस ने संजीव कुमार गुप्ता को गैंगस्टर में जेल भी भेजा था।

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मां कागजात दिखाती रहीं, टीम 24 घंटे का समय देकर लौटी
संजीव गुप्ता के भाई अतुल गुप्ता ने बताया कि मकान पिता राजेंद्र नाथ गुप्ता के नाम पर है। यह वर्ष 1973 में खरीदा गया था। डेढ़ साल पहले पिता की मौत हो गई थी। इसलिए मकान पर हक मां प्रेम लता गुप्ता का था। इस संबंध में टीम को मां ने मकान के कागजात भी दिखाए, लेकिन पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। उन्हें 24 घंटे का समय मकान खाली करने की कहकर चली गई। अतुल गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनसे दस लाख रुपये रिश्वत भी मांगी गई थी। इससे मां सदमे में आ गईं। उनकी हालत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई। 

आक्रोशित परिजन शाम तकरीबन साढ़े तीन बजे शव को वाटर वर्क्स चौराहे पर ले आए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इस दौरान मकान जब्त करने की कार्रवाई करने वाले पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। जानकारी पर एसपी सिटी विकास कुमार पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया। मेयर नवीन जैन पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की। मेयर का कहना है कि परिजनों ने गलत कार्रवाई का आरोप लगाया। इस पर एसपी सिटी से बात की। कहा कि मुल्जिम पर कार्रवाई की जाए, न कि परिजनों पर। एसपी सिटी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर परिजनों ने जाम खोल दिया।
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व्यापारियों ने भी जताया आक्रोश
घटना की जानकारी पर अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद दौनेरिया, व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल, पार्षद हरिओम गोयल, अमित ग्वाला आदि पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। कहा कि पिता के नाम संपत्ति को जब्त करना न्यायोचित नहीं है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजनों का आरोप गलत
गैंगस्टर के मामले में नियमानुसार जब्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। परिजनों के आरोप गलत हैं। मुनिराज जी एसएसपी 
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