आगरा: मृतका के शोकाकुल परिजन व रिश्तेदार
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न्यू आदर्श नगर निवासी संजीव कुमार गुप्ता के मकान और क्रेटा कार को जब्त करने, जबकि केनरा बैंक खाते में जमा 2.94 लाख रुपये को फ्रीज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मकान में संजीव गुप्ता ने 21 लाख रुपये जीर्णोद्धार में खर्च किए थे। इसलिए मकान पर भी सील करने की कार्रवाई होनी थी। मगर, घर में परिवार रह रहा था। इस पर पुलिस संजीव गुप्ता के कमरे पर सील लगा आई थी। घर को खाली करने के लिए परिवार को 24 घंटे का समय दिया गया था। पुलिस ने संजीव कुमार गुप्ता को गैंगस्टर में जेल भी भेजा था।
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मां कागजात दिखाती रहीं, टीम 24 घंटे का समय देकर लौटी
संजीव गुप्ता के भाई अतुल गुप्ता ने बताया कि मकान पिता राजेंद्र नाथ गुप्ता के नाम पर है। यह वर्ष 1973 में खरीदा गया था। डेढ़ साल पहले पिता की मौत हो गई थी। इसलिए मकान पर हक मां प्रेम लता गुप्ता का था। इस संबंध में टीम को मां ने मकान के कागजात भी दिखाए, लेकिन पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। उन्हें 24 घंटे का समय मकान खाली करने की कहकर चली गई। अतुल गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनसे दस लाख रुपये रिश्वत भी मांगी गई थी। इससे मां सदमे में आ गईं। उनकी हालत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई।
आक्रोशित परिजन शाम तकरीबन साढ़े तीन बजे शव को वाटर वर्क्स चौराहे पर ले आए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इस दौरान मकान जब्त करने की कार्रवाई करने वाले पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। जानकारी पर एसपी सिटी विकास कुमार पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया। मेयर नवीन जैन पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की। मेयर का कहना है कि परिजनों ने गलत कार्रवाई का आरोप लगाया। इस पर एसपी सिटी से बात की। कहा कि मुल्जिम पर कार्रवाई की जाए, न कि परिजनों पर। एसपी सिटी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर परिजनों ने जाम खोल दिया।