बदमाशों की घेराबंदी के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पुलिस की कार
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ईशन नदी पुल के पास शुक्रवार सुबह लुटेरों को घेरने पर बदमाशों ने पुलिस वाहन में टक्कर मार दी। रोकने की कोशिश के दौरान गाड़ी को बैककर पुलिसकर्मियों को रौंदने की कोशिश की गई। हमले में एक सिपाही भी घायल हो गया। पुलिस ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
औंछा गेट चौकी इंचार्ज सुरेंद्र राव, दरोगा बलवीर सिंह छह अन्य सिपाहियों के साथ शुक्रवार सुबह गश्त पर थे। पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली कि ईशन नदी पुल के पास एक शातिर लुटेरा दलवीर सिंह निवासी नगला मूले साथियों के साथ मौजूद है।
सूचना पर पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ने के लिए पीछा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस की घेराबंदी देख सिलेरियो गाड़ी में सवार दलवीर व उसके साथियों ने पुलिस वाहन में टक्कर मार दी।
जब तक पुलिसकर्मी संभल पाते, गाड़ी को बैक कर दोबारा टक्कर मार दी। गाड़ी से उतरे पुलिसकर्मियों को रौंदने की कोशिश की गई। चपेट में आकर सिपाही आजाद घायल हो गया। ईशन नदी पुल पर हुई इस घटना को वहां के दुकानदारों और राहगीरों ने देखा तो सहम गए।
सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया, लेकिन तब तक कार सवार वहां से भाग चुके थे। इंस्पेक्टर कोतवाली ओमहरि वाजेपेई ने बताया कि दलवीर पुत्र सुरेश निवासी नगला मूले, गोरेलाल, रामू निवासी कुरसंड़ा और जीतू चिक निवासी कुरावली, अनुज शाक्य निवासी रमपुरा थाना किशनी के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक मैनपुरी, अजय शंकर राय ने बताया कि गाड़ी में मौजूद दलवीर भोगांव से भी वांछित चल रहा है, उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई है। करीब डेढ़ माह पूर्व वह जेल से छूटकर आया है। पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, पुलिस जल्द से गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।