आगरा में दयालबाग की नगला हवेली के दस हजार लोगों के लिए उनकी चार महीने की मेहनत धनतेरस पर रंग लाई। गुरुवार सुबह तीन साल से सूखे पड़े नलों से गंगाजल के रूप में खुशियां पहुंचीं। अदन बाग पानी की टंकी से नगला हवेली की पाइप लाइन जोड़ने के बाद तीन साल पहले लगाए गए कनेक्शनों में पानी पहुंचने लगा। गंगाजल मिलने की खुशी में लोगों ने धनतेरस को ही दिवाली मना ली और घर में गंगाजल आने पर नारियल फोड़कर पूजा-अर्चना की तथा पूरे नगला हवेली में लड्डू बांटे गए।
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नगला हवेली में धनतेरस का दिन खुशियां लेकर आया। करीब चार महीने से नगला हवेली के लोग हर दिन गंगाजल के लिए अधिकारियों का घेराव, जनप्रतिनिधियों के घरों के चक्कर काटने से लेकर डीएम, कमिश्नर, मंत्री से मिलते रहे। बृहस्पतिवार को धनतेरस की सुबह उनके घरों में गंगाजल आने लगा। नलों से गंगाजल निकलते ही उनके चेहरों पर खुशी नजर आने लगी।
नगला हवेली के लिए लगातार संघर्ष करते आ रहे चौ. रामवीर सिंह और सौरभ चौधरी के घर पर लोगों ने पहुंचकर उनका सम्मान और तिलकर लगाकर अभिनंदन किया। गंगाजल आने की खुशी व्यक्त करने वालों में गुलाब सिंह बघेल, जीवा बघेल, केवल बघेल, रतन सिंह, मोहन विजय सिंह, नेत्रपाल बघेल, मुन्नी देवी, शकुंतला, विद्या बघेल, रेखा सविता, किरन, नीतू आदि मौजूद रहे।
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गंगाजल पहुंचने पर नगला हवेली के लोगों ने हाथों में अमर उजाला लेकर दिया धन्यवाद
- फोटो : अमर उजाला
लोग बोले-हमारी आवाज उठाई.. शुक्रिया अमर उजाला
नगला हवेली के लोगों ने चार महीने के संघर्ष के दौरान अमर उजाला के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होेंने कहा कि अमर उजाला ने हमारी आवाज उठाई। संघर्ष लंबा चला लेकिन खुशी है कि कामयाबी मिली।
पानी नहीं हमारी आस्था है
ये केवल पानी नहीं, बल्कि हमारी आस्था है। गंगाजल के आने पर हमने नारियल फोड़कर पूजा की। जिस गंगा में सभी के पाप धुलते हैं, वह हमारे संघर्षों के बाद हमारे घर आई हैं। अमर उजाला ने हमारी पीड़ा को खूब आवाज दी, जो अफसरों के कानों तक पहुंची। - बबली, नगला हवेली
तीन साल से था इंतजार
गंगाजल का इंतजार हमें तीन साल से था। अमृत योजना में कनेक्शन करके पानी नहीं दिया गया। हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी, लेकिन जैसे ही गंगाजल मिला, आंखों से खुुशी के आंसू छलक उठे। - ऊषा देवी, नगला हवेली
अमर उजाला ने दिया साथ
अमर उजाला ने हमारे संघर्ष में हर दिन साथ दिया। सच कहें तो अमर उजाला के कारण ही चार महीने तक सरकारी सिस्टम से संघर्ष करने की हिम्मत मिली। धनतेरस पर ही हमने दिवाली मना ली। शकुंतला देवी, नगला हवेली
अभी और भी हैं नगला हवेली...
दयालबाग के लोगों ने तो चार महीने तक अफसरों, जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटकर गंगाजल की आपूर्ति शुरू करा ली, लेकिन शहर में ऐसे 33 इलाके हैं, जहां नगला हवेली की तरह जलनिगम के अधिकारियों ने टोंटियां लगा दी, लेकिन गंगाजल की एक बूंद नहीं आई। यमुनापार के 24 हजार से ज्यादा कनेक्शन ऐसे हैं, जहां पानी नहीं मिल रहा। यही नहीं, कमला नगर और दयालबाग क्षेत्र के बीच की कई कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंच रहा है।