हाथों में फूलों का थाल, आकर्षक कतार, जुबां पर गंगा गीत के बोल और फिर यात्रा के आगमन का उत्साह देखते ही बन रहा था। गंगायात्रा के स्वागत के लिए गांव से लेकर बाजार तक चहुंओर सजे रहे। हर कोई यात्रा के स्वागत की तैयारी में दिखाई दिया।
गंगायात्रा जब दोपहर को कछला गंगाघाट पहुंची तो वहां से सड़क मार्ग द्वारा यात्रा लहरा की ओर रवाना हुई। यात्रा के आने से पहले ही कछला गंगाघाट से लेकर लहरा गंगाघाट तक जगह-जगह यात्रा के स्वागत के लिए जगह-जगह महिलाएं और स्कूली छात्र-छात्राएं हाथों में स्वागत के लिए फूलों का थाल लिए खड़ी थीं।
जैसे ही यात्रा कछला गंगाघाट से नगरिया की ओर पहुंची। यहां खड़ी स्वागत टोली ने सबसे पहले गंगागीत गाते हुए यात्रा पर पुष्प बरसाए और भव्य स्वागत किया। यहां फूलों की वर्षा से वातावरण पूरी तरह सुगंधित हो गया। यात्रा में शामिल होने आए आगंतुक यहां के प्रशासन की तैयारियां देख काफी खुश नजर आए। नगरिया से यात्रा सोरों पहुंची। यहां तीर्थनगरी भी यात्रा के स्वागत के लिए पूरी तरह आतुर दिखाई दी।