कासगंज की कछला गंगानदी जिससे सहायक नदियों को मिलेगी धार
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कासगंज। जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी गंगा अर्थदायिनी भी है। पतित पावनी मां गंगा सिर्फ दुखों को ही नहीं हरेगी बल्कि सहायक नदियों की भागीरथी भी बनेगी। गंगायात्रा के बाद प्रभारी मंत्री ने पतित पावनी का भागीरथी संदेश देते हुए गंगानदी को कई नदियों से जोड़कर आर्गेनिक एग्रीकल्चर की तैयारी पर बल दिया है।
बुधवार को जिले में गंगायात्रा पहुंची। गंगायात्रा के पहुंचते ही घाटों पर स्वागत हुआ, लेकिन यह गंगायात्रा एक नया संदेश दे गई। यात्रा ने सहायक नदियों को मोक्ष देने का संदेश दिया है। गंगानदी से निकलने वाली बूढ़ी गंगा एवं अन्य कई नदियों को पतित पावनी मां गंगा के लहरा एवं कछला गंगाघाट से धार दी जाएगी। यह धार सहायक नदियों में पहुंचेगी, जिससे सहायक नदियां मोक्षदायिनी ही नहीं बनेगी, बल्कि किसानों और अन्न दाताओं को मरहम भी लगाएंगी।
इन नदियों में गंगानदी का पानी छोड़ा जाएगा जिससे इन सहायक नदियों के सहयोग से आर्गेनिक एग्रीकल्चर को बल दिया जा सके। सरकार की मंशा है कि गंगायात्रा के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहायक नदियों को भी पानी की धार दे दी जाए। जिले के प्रभारी मंत्री अनिल शर्मा ने गंगायात्रा के बाद यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में बहने वाली सभी सहायक नदियों को पतित पावनी मां गंगा की धार से पानी दिया जाएगा।