कासगंज के कछला गंगा घाट पर बढ़ा जलस्तर।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। बारिश का कहर बुधवार को थमने के बाद अब गंगा उफनने लगी हैं। हरिद्वार और बिजनौर बांध से डिस्चार्ज बढ़ने से नरौरा बैराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। इसका असर कछला ब्रिज पर दिखने लगा। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 25 सेंटीमीटर बढ़ गया। इससे किनारे बसने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। इन्हें फिर से गंगा का पानी आबादी तक पहुंचने का डर सता रहा है। गंगा का पानी और बढ़ा तो 20 गांव प्रभावित हो सकते हैं।
पिछले पांच दिन तक पहाड़ एवं मैदानी इलाकों में बारिश से गंगा में पानी बढ़ गया है। पिछले तीन दिन से हरिद्वार और बिजनौर बैराज पर पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ था। इसका असर जिले के समीपवर्ती नरौरा बैराज तक पहुंच गया। पानी का दबाव बढ़ने के बाद नरौरा बैराज से भी डिस्चार्ज बढ़ाया गया। मंगलवार को नरौरा बैराज से करीब 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह बुधवार को बढ़कर 90 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके चलते गंगा का जलस्तर मंगलवार को 163.40 से 163.65 मीटर के निशान पर पहुंच गया। आज बृहस्पतिवार को जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। यह लो फ्लड स्तर पर पहुंचने से गंगा के किनारे के 20 गांवों तक पानी पहुंचने की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पहले से फसलें तबाह हो चुकी हैं। अब बाढ़ का पानी खेतों में घुसा तो कुछ नहीं बचेगा। इससे लोग डरे हुए हैं।
बरौना में फिर बढ़ा कटान का खतरा
कासगंज। कटान पीड़ित गांव बरौना में जलस्तर में उतार चढ़ाव से कटान का खतरा बढ़ रहा है। गंगा की धार गांव के भूरे के पक्के मकान तक कटान कर चुकी है। मकान में दरारें पड़ने लगी हैं। ऐसे में यह मकान कभी भी गंगा में डूब सकता है। भूरे का कहना है कि अब मकान कभी भी कटान का शिकार हो सकता है।
बैराज से डिस्चार्ज की स्थिति
- हरिद्वार बैराज: 41750 क्यूसेक
- बिजनौर : 45707 क्यूसेक
- नरौरा बैराज: 90570 क्यूसेक