कासगंज कछला गंगाघाट पर बुधवार को गंगा के जलस्तर का दृश्य
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कासगंज। इन दिनों गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही लहरें तेज हो चलीं हैं। गंगा की मचलती लहरें किसानों की धड़कन बढ़ा रहीं हैं। फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं हैं, लेकिन जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण कटान की संवेदनशीलता बढ़ी है। किसान कटान को लेकर बेहद चिंतित हैं।
गंगा में पिछले कई दिनों से लगातार जलस्तर कम और ज्यादा हो रहा है। 24 घंटे पहले गंगा का जलस्तर 163.20 मीटर के निशान पर था जो बुधवार को बढ़कर 162.90 के निशान पर आ पहुंचा है। जिले में साधारण फ्लड के हालात बने हुए हैं, लेकिन साधारण फ्लड से किसी भी तरह की कोई मुसीबत नहीं होती। लो फ्लड से कुछ परेशानी शुरू होती है। फिलहाल हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा से हो रहे पानी के डिस्चार्ज को देखते हुए बाढ़ की कोई स्थिति नहीं हैं, लेकिन यह स्थिति कटान के लिए परेशानी वाली है। पटियाली क्षेत्र में कादरगंज का इलाका गंगा कटान के लिए सर्वाधिक संवेदनशील है। यहां सिंचाई विभाग ने पिस्टड और परक्यूपाइन बनाकर कटानरोधी कार्य किया है, लेकिन कटान आस पास के इलाकों में हो सकता है। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी निगरानी कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की टीम भी निरंतर देखभाल में जुटी है। आज बुधवार को गंगा में और पानी बढ़ने की आशंका है क्योंकि बिजनौर से पानी का डिस्चार्ज हरिद्वार के मुकाबले अधिक है।
गंगा के जलस्तर पर एक नजर-
- 68783सेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 86147 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 38965 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- 162.90 मीटर के निशान पर है कछला में जलस्तर।
- गंगा के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की कमी आई है, लेकिन नरौरा की ओर बिजनौर से डिस्चार्ज बढ़ सकता है। अभी साधारण फ्लड के हालात हैं। जिसका कोई असर जिले में नहीं है। संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।