फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा में जलस्तर बढ़ा, आज से बाढ़ की आशंका

विज्ञापन
कासगंज पटियाली के गठौरा के समीप कटान प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण करते एसडीएम - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। पहाड़ों पर लगातार बारिश से गंगा नदी में पानी का दबाव बढ़ गया है। कछला गंगा नदी में रेलपुल पर पानी का स्तर रातों रात 25 सेंटीमीटर बढ़ गया। बैराजों से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो रविवार से गंगा में बाढ़ के हालात पैदा कर सकता है। आशंका के मद्देनजर सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। गंगा के अलावा नहरों में भी जलस्तर बढ़ गया है।
विज्ञापन

विगत कई दिनों से कछला गंगा नदी में पानी धीमे धीमे बढ़ रहा है। बैराजों से भी हजारों क्यूसेक पानी निरंतर बढ़ता जा रहा है। पानी का दबाव प्रतिदिन बढ़ रहा है। हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और रविवार को कछला पर बाढ़ की शुरूआत होने की आशंका है। सिंचाई विभाग ने माना है कि गंगानदी में रविवार अथवा सोमवार से बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। ऐसे में विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। सभी जिम्मेदारों को बांधों और घाटों की निगरानी के लिए मुस्तैद कर दिया है। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने सिंचाई विभाग, सेतु निगम, राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखें और हर पल रिपोर्ट करें। गंगा नदी में शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को पानी 25 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है।
विज्ञापन

बैराजों से पानी की स्थिति
- 70483 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 50768 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 25405 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
- 162.25 मीटर के निशान पर कछला पुल पर गंगा का जलस्तर।
पानी से बाढ़ पर एक नजर-
- 30000 क्यूसेक पानी से होती है बाढ़ की शुरूआत।
- 1 लाख क्यूसेक पानी से शुरू होती है हल्की बाढ़।
- 1.5 लाख क्यूसेक पानी से हो शुरू होती है मध्यम बाढ़।
- 2.5 लाख क्यूसेक से होती है खतरे की बाढ़।
- 3 लाख से अधिक क्यूसेक पानी पर होती है तेज बाढ़।
- सिंचाई विभाग के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। बैराजों से छोड़े गए पानी पर पल पल नजर रखी जा रही है।
- योगेंद्र कुमार, एडीएम।
- हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी से नरौरा पर काफी दबाव बढ़ेगा। रविवार से गंगा नदी में पानी बाढ़ की स्थिति तक पहुंच सकता है।
- संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें