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एटा में मृतकों को बट रहा था राशन, सीएम ने दिए जांच के आदेश

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एटा। गरीबों को राशन नहीं मिल रहा और मृतकों को राशन बांटकर डीलर खेल कर रहे हैं। जिले के गांव नगला लौकी में राशन डीलर द्वारा मृतकों को राशन बांटने की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। सीएम के विशेष कार्याधिकारी ने डीएम को पत्र लिखकर 15 दिन में जांच कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए हैं।
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दरअसल, शीतलपुर के गांव नगला लौकी के लोगों ने सीएम से राशन डीलर आनंद प्रकाश की शिकायत की थी। लोगों का कहना था कि डीलर मृतकों को राशन बांट रहा है। साथ ही कार्ड धारकों से पहले ही अंगूठा लगवा लेता है। लोगों ने पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र यादव पर भी राशन डीलरों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाया था। मामले में विधायक मारहरा वीरेंद्र लोधी ने भी सीएम को पत्र लिखकर जांच कराने और डीलर का कोटा निरस्त कराने का अनुरोध किया। जिस पर सीएम के विशेष कार्याधिकारी आरएन सिंह ने डीएम को निर्देश भेजे हैं। उन्होंने निर्देश में कहा है कि राशन डीलर के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए। साथ ही 15 दिन में अवगत कराया जाए।
लेखपाल और प्रधान पर भी कार्रवाई
सीएम कार्यालय ने जिले के सराय अगहत निवासी पन्नालाल वर्मा की शिकायत पर भी संज्ञान लिया है। शिकायतकर्ता ने चकरोड बनाने के विवाद में लेखपाल शिवम पांडेय, ग्राम प्रधान जवाहर लाल और थाना पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सीएम ने डीएम को दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश देते हुए 10 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
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जिला प्रशासन ने कर दी लीपापोती
ग्रामीणों ने शिकायत में कहा है कि पिछले दिनों मामले की जांच जिला स्तर से कराई गई थी। जांच अधिकारी योगेंद्र यादव ने राशन पाने वाले 21 अपात्रों के नाम सूची से हटवा दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
इनको मिल रहा था राशन
गांव में मृतक मौहरीश्री, सोनवती, संगीता, मथुरा देवी, नेत्रवती, नेकसो देवी को राशन मिल रहा था। वहीं बाहर रहने वाली रमा देवी, सुमन, भंवरपाल, श्यामदेवी, शकुंतलादेवी, बद्री नारायण, दलवीर, कन्या देवी, ओमवती, महेश्वरी, मगनदेवी, माधुरी, राजवती को राशन मिल रहा था।
सालों से चल रहा कोटा
ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी कहा है कि डीलर सालों से राशन के नाम पर खेल कर रहा है। पहले डीलर पिता के नाम से कोटा चलाता था। अब खुद के नाम से चलाता है। हर महीने गरीबों को लौटाया जाता है।
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कहते हैं आंकड़े
790 राशन की दुकानें हैं जिले में
715 राशन दुकाने हैं ग्रामीण क्षेत्र में
21 कार्डों को सूची से हटाया जा चुका है
15 दिन में सीएम ने मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
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