शुभ मुहुर्त सूर्योदय से दोपहर 1:14 बजे तक गंगा स्नान या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान के लिए फलदायी रहेगा। इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, सिद्ध योग, व्यतीपात योग, गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
इसके साथ ही सूर्य वृषभ राशि में एवं चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इस दिन गंगा में स्नान करने से तीन कायिक, चार वाचिक और तीन मानसिक समेत 10 तरह के दोषों का नाश होता है। मां गंगा के जल में वे सभी शुभ गुण संयुक्त है जो हमारे ग्रहों के दुष्प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि मां गंगा की पूजा-अर्चना करने से रोग की व्याधि, विभिन्न भय से मुक्ति के साथ मन शांत, संयमित और जीवन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। ग्रीष्म ऋतु होने से शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुएं दान करनी चाहिए। शरबत, खरबूजा, तरबूज, सुराही, हाथ का पंखा आदि दान स्वरूप भेंट कर सकते हैं।
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