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यूपी: फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह चढ़ा एसटीएफ के हत्थे, सरगना सहित चार गिरफ्तार

Thu, 11 Jan 2024 04:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एसटीएफ ने फर्जी अंक तालिका बनाने वाले गिरोह के सरगना सहित चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से अंकतालिका और मुहरों के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के लोगो भी मिले हैं।

 
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फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह चढ़ा एसटीएफ के हत्थे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) आगरा इकाई ने फर्जी अंकतालिका गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में सरगना कॉलेज संचालक सहित दो विश्वविद्यालय के कर्मचारी शामिल हैं। गिरोह के सदस्य 25-30 हजार रुपये में यूपी, उत्तराखंड के कई विश्वविद्यालय, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यूपी और सीबीएसई बोर्ड की फर्जी अंकतालिका बनाकर देते थे। उनसे 221 फर्जी अंकतालिका, मुहरें और होलोग्राम बरामद किए गए हैं।
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एसटीएफ सीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का कर्मचारी खंदारी निवासी अर्जुन, शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी के टेक्निकल बाबू बल्केश्वर निवासी मोहित गुप्ता, ताजगंज स्थित देवरी रोड निवासी नेकराम और मधु नगर निवासी पंकज शर्मा हैं। नेकराम सरगना है। वह सैंया के तेहरा में सावित्री देवी इंटर काॅलेज का मालिक है।

इनकी हैं अंकतालिका
डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, अग्रसेन यूनिवर्सिटी, ग्लोकल यूनिवर्सिटी सहारनपुर, मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़, हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी उत्तराखंड, एफएस विश्वविद्यालय फिरोजाबाद, कलिंगा यूनिवर्सिटी झारखंड, सिक्किम बोर्ड, जामिया विश्वविद्यालय, सीबीएसई व यूपी बोर्ड की फर्जी अंकतालिकाएं मिली हैं।

यह हुई बरामदगी
आरोपियों से 32 अंक पत्र भरे हुए, कोरे 189, 349 होलोग्राम (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज) और डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा), 3 लैपटॉप, 1 कंप्यूटर सिस्टम, 3 प्रिंटर, 87 मुहरें, 10 खाली मुहर, 5 मोबाइल, एक कार, 15500 रुपये बरामद किए गए हैं।
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फर्जी अंकपत्र पर लगती थी विश्वविद्यालय-बोर्ड की मुहर
एसटीएफ सीओ ने बताया कि सरगना नेकराम वर्ष 2007 में लोहामंडी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह जेल भेजा गया था। तब भी फर्जी अंकतालिका तैयार करता था। इस बार भी वह सक्रिय था। युवकों को 25-30 हजार में फर्जी अंकतालिका कंप्यूटर की मदद से तैयार कर देता था। इसके लिए कोरे अंकपत्र अलग-अलग राज्य के विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की मदद से निकलवा लेता था। उन पर कंप्यूटर की मदद से कलर प्रिंटर से अंक चढ़ाकर, मुहर लगाकर देता था। उसके अंकतालिका तैयार करने की जानकारी पर एसटीएफ की टीम को लगाया गया। बृहस्पतिवार को नेकराम डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कर्मचारी अर्जुन से खाली अंकतालिकाएं लेने आया था। टीम ने दोनों को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर दो और को देवरी रोड स्थित रचना पैलेस से गिरफ्तार कर लिया। मामले में थाना ताजगंज में धेाखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
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