आगरा: दशहरा घाट पर बनाया कृत्रिम कुंड
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गणेश उत्सव के बाद प्रतिमा विसर्जन कृत्रिम कुंड में होगा। इसके लिए यमुना किनारा, कैलाश घाट, बल्केश्वर में कुंड खोदे जाएंगे। जुलूस निकालने पर प्रतिबंध रहेगा। घरों में जिन्होंने प्रतिमा स्थापित की हैं वे इन कुंडों में विसर्जन कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर पंडाल सजाकर गणेश उत्सव नहीं मनेगा।
गणेश उत्सव को लेकर शासन से नई गाइडलाइन प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई हैं। ऐसे में पुरानी गाइडलाइन के मुताबिक ही इस बार गणेश उत्सव मनेगा। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि गणेश उत्सव में अधिकतम 50 लोग शामिल हो सकेंगे। घरों में प्रतिमा स्थापना की अनुमति है। विसर्जन के दिन जुलूस व सामूहिक समारोह नहीं होंगे। शांति पूर्वक श्रद्धालु प्रतिमा कुंडों में विसर्जित कर सकेंगे। यमुना नदी में विसर्जन पर रोक है। जो भी नदी में प्रतिमा विसर्जित करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन के समय प्रमुख घाटों पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
20 सितंबर को होगा विसर्जन
दस दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव बृहस्पतिवार को गणेश चतुर्थी से शुरू हो चुका है। 20 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन खत्म होगा। उसी दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
ढाई हजार से अधिक प्रतिमाएं
महाराष्ट्र की तर्ज पर ताजनगरी में बड़े पैमाने पर गणेश उत्सव मनाया जाता है। कोरोना संक्रमण थमने के बाद पहली बार बप्पा के भक्तों में उत्साह है। शहर में ढाई हजार से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।