जहां पूरा देश स्वतंत्रता दिवस समारोह को मनाने की तैयारी में जुटा है, वहीं आठ माह का मासूम बेटा शहीद पिता को मुखाग्नि दे रहा था। यहां हर ओर एक ही आवाज गूंज रही थी कि जब तक सूरज चांद रहेगा पुष्पेंद्र तेरा नाम रहेगा।
देश भर में स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने की तैयारियां चल रही हैं, इन्हीं के बीच मथुरा जनपद का एक गांव खुटिया अपने उस जांबाज की शहादत पर गर्व कर रहा था, जो देश की सीमा की रखवाली करते हुए कुर्बान हो गया था।
दो दिन के इंतजार के बाद मंगलवार की शाम जैसे ही कश्मीर में एलओसी पर शहीद हुए पुष्पेंद्र सिंह का शव गांव में पहुंचा, मौजूद जनसमुदाय के मुख से पुष्पेंद्र के अमर रहने के नारे गूंजने लगे।