ताजमहल की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके आसपास चप्पे-चप्पे की निगरानी को लगाए गए 140 में से 109 सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। सिर्फ 31 कैमरे ही चालू हैं। इसका खुलासा अपर जिलाधिकारी नगर केपी सिंह, आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव हरीराम के नेतृत्व में टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान हुआ।
ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत ताजमहल की सुरक्षा के लिए इसके पांच सौ मीटर दायरे में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, बूम और बोलार्ड के खराब होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस पर मंडलायुक्त अनिल कुमार ने पिछले दिनों एडीएम सिटी, एडीए सचिव, सीओ ताज सुरक्षा और उपनिदेशक पर्यटन को इनके अनुरक्षण के लिए निर्देशित किया था।
उन्हीं के निर्देश पर एडीएम सिटी, एडीए सचिव और सहायक पर्यटन अधिकारी सुरेश रावत ने बुधवार को ताज के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण किया था। सूत्रों की मानें तो योजना के तहत लगाए गए 140 सीसीटीवी कैमरों में से 109 सीसीटीवी कैमरे किसी न किसी वजह से बंद मिले।
रखरखाव के अभाव में इनका संचालन नहीं हो पाया है। इससे लाखों रुपया तो बर्बाद हुआ ही है, ताज की सुरक्षा को भी खतरा बढ़ सकता है। बता दें कि स्मारक के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट की तरफ हाई क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। ये इतने शक्तिशाली कैमरे हैं कि इनकी मदद से चलते वाहन की नंबर प्लेट के नंबर तक पढ़े जा सकते हैं।
ताजमहल के आसपास लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण किया गया है। जिस कंपनी ने ये सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, उसको बुलाया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी।
-केपी सिंह, एडीएम सिटी