बिजली के तार की चोरी करके जो रकम मिली, उसके बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद पहले युवक को शराब पिलाई और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की लाश को हजारा नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में तीन दोस्त गिरफ्तार कर लिए हैं।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में करीब ढाई माह पूर्व 1 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर दोस्तों ने ही दोस्त की हत्या कर दी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले का खुलासा करके हत्यारोपी दोस्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। एक हत्यारोपी अभी फरार है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक तमंचा भी बरामद कर लिया है।
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कासगंज जिले के ततारपुर माफी निवासी दुरबीन सिंह उर्फ भूरे पुत्र बाबूराम की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। बताया गया कि 6 फरवरी से दुरबीन लापता था। इस संबंध में परिजन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन कोई जानकारी दुरबीन के बारे में नहीं मिल पाई। पुलिस अधीक्षक रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी थी। पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दुरबीन अपने हत्यारोपी दोस्त भोले, धरमवीर, महेश एवं सोनू के साथ मिलकर बिजली के तार की चोरी करता था। बिजली के तार की चोरी के 1 लाख रुपये दुरबीन के पास थे। जब सभी दोस्तों ने चोरी के तार से मिले 1 लाख रुपये के बंटवारे को कहा तो दुरबीन ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर 6 फरवरी को दुरबीन के साथ मिलकर सभी ने शराब पी और नशे की स्थिति में दोस्तों ने गोली मारकर दुरबीन की हत्या कर दी और उसका शव हजारा नहर में फेंक दिया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भोले, धरमवीर और महेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ है। हत्यारोपियों के पास से मृतक दुरबीन का ड्राइविंग लाइसेंस व आधार कार्ड बरामद किया गया है। एक हत्यारोपी सोनू निवासी सुंदर नगर मथुरा फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी की प्रयास कर रही है।