अगर आज गांधीजी होते तो इन हालात पर क्या कहते? उनके देश में 96 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी को पुलिस ने सिर्फ इसलिए घर में नजरबंद कर दिया, क्योंकि वे शराबबंदी के लिए आवाज उठा रहे हैं। जब चार महीने में सरकार ने चिम्मन लाल जैन की नहीं सुनी, तो उन्होंने आज गांधी जयंती पर यमुना में कूदकर प्राण त्यागने का प्रण ले लिया। संयोग से आज सीएम भी शहर में हैं। सीएम से भरोसा दिलाने के बजाय अफसरों ने उन्हें नजरबंद करा दिया। उनके घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है।
पथवारी बेलनगंज निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने गुरुवार सुबह शहीद स्मारक पर चरखा चलाकर सूत काता। सामाजिक संगठनों ने उनसे जलसमाधि के प्रण से पीछे हटने को कहा लेकिन वे नहीं माने।
देर शाम सीओ छत्ता बीएस त्यागी उनके निवास पर पहुंचे और उनके परिवार वालों के साथ मिलकर उन्हें समझाने की कोशिश की। वे नहीं माने तो उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया है। उन्हें आज घर से नहीं निकलने दिया जाएगा। हालांकि सीओ छत्ता का कहना है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए तैनात की गई है।