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एनआरआई से प्रॉपर्टी में निवेश कराने के बहाने 3.32 करोड़ ठगे, रिपोर्ट दर्ज

Fri, 13 Jul 2018 02:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा के पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशकों ने एनआरआई परिवार से प्रॉपर्टी में निवेश कराने के नाम पर तीन करोड़ 32 लाख रुपये हड़प लिए। प्रॉपर्टी बेचकर पैसे देने का वादा जब पूरा नहीं किया तो पीड़ित ने पुष्पांजलि के निदेशकों समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में नोएडा के फेज-थ्री कोतवाली में मामला दर्ज कराया है।
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पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद निवासी यतीश अग्रवाल के पिता सीबीएल अग्रवाल इंदिरापुरम के शक्ति खंड में रहते हैं। जबकि वो स्वयं परिवार के साथ साइप्रस में रहते थे। कई साल विदेश में रहने के बाद उन्होंने अपने पिता से देश में करीब सवा तीन करोड़ रुपए की संपत्ति तलाशने के लिए कहा। पिता मूलत: आगरा के ही थे तो उन्होंने आगरा के प्रॉपर्टी डीलर ध्रुव सैनी से मुलाकात की।

सैनी ने उनकी मुलाकात पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व पीपी बिल्डकोन के निदेशक पुनीत अग्रवाल, वीडी अग्रवाल और मयंक अग्रवाल से कराई। उन्होंने प्रॉपर्टी दिखाने के लिए ऑफिस में फाइनेंस और अन्य काम देखने वाले आनंद मोहन व मनीष को भेजा। इस पर वे फ्लैट और प्लाट आगरा में खरीदने को तैयार हो गए। 
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चेक के माध्यम से दिए रुपए

उन्होंने अपने बेटे यतीश अग्रवाल और पुत्रवधू के एनआरआई खाते से प्रॉपर्टी के एवज में 3 करोड़ 32 लाख 87 हजार रुपये चेक के माध्यम से सेक्टर-63 स्थित ई-48 पर दे दिए। रुपये से संबंधित बात और लेन-देन नोएडा में हुआ था। वर्ष 2013 में यतीश अग्रवाल भारत लौटे तो उन्होंने आगरा में खरीदी गई संपत्ति देखनी चाही। वो मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनके प्लाटों पर कोई और फर्म काम करा रही थी।

इस पर यतीश ने कंपनी के निदेशकों से बात की तो उन्होंने कहा कि गलती से प्लाट बेच दिए गए हैं। उनके नाम दूसरे प्लाट कर दिए गए हैं। जब उन्होंने बाद में मिले 23 प्लाट में से 12 प्लाटों को बेचने के लिए एक फर्म तलाश की तो उसने जांच-पड़ताल की। तब पता चला कि वो सभी प्लाट सोसायटी के नाम है और एक व्यक्ति के नाम एक ही प्लाट हो सकता है। 

इतना ही नहीं सभी 23 प्लाट आगरा विकास प्राधिकरण से बंधक थे। कई साल तक उन प्लाटों को बंधक मुक्त कराने का प्रयास किया गया। बाद में एक प्लाट बेचा तो वो महावीर कॉपरेटिव सोसायटी के नाम था और उसके मालिक भी आरोपी निदेशक ही थे। इसके एवज में जो पैसा आना था वो भी बिल्डर के खाते में जाना था।
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नोएडा में रिपोर्ट दर्ज

प्लाट बेचने से पहले आरोपियों ने रुपये उनको देने के लिए कहा था, मगर 8 लाख 87 हजार रुपये आज तक नहीं दिए। आखिर पीड़ित एनआरआई एसएसपी से मिला और उन्हीं के निर्देश पर फेज-थ्री पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत 12 सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इस संबंध में एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित एनआरआई की शिकायत पर पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन कंपनी समेत अन्य निदेशकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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