आगरा के दयालबाग में स्माइल फैमिली फाउंडेशन नाम से एनजीओ ने कई महिलाओं से ठगी कर ली। एनजीओ संचालक ने महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर 500-500 रुपये जमा कराए। इसके बाद फरार हो गया। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित महिलाएं बुधवार को अपनी शिकायत लेकर न्यू आगरा थाने पहुंच गईं। उन्होंने हंगामा कर दिया। पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत कराया।
हर महीने 3000 रुपये मानदेय और पूरे माह का राशन मुफ्त, काम रहेगा केवल रूई की बाती, अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाना। इस वादे के साथ स्माइल फैमिली फाउंडेशन ने महिलाओं को लुभाया। दयालबाग रोड पर ऑफिस बनाया गया। यहां न्यू आगरा और हरीपर्वत क्षेत्र की गरीब महिलाएं जब पहुंचने लगीं तो सभी से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भराकर 500-500 रुपये जमा कराए गए। 5000 महिलाएं हो जाने पर कार्यालय बंद कर लापता हो गए। बुधवार को महिलाओं ने ताला लगा देख हंगामा किया। शिकायत लेकर थाना न्यू आगरा पहुंचीं, जहां संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
महिलाओं का कहना था कि थाना न्यू आगरा में शिकायत लेकर पहुंचे तो पुलिस ने उल्टा उन्हें ही धमकाना शुरू कर दिया। कहा कि भीड़ लेकर आए हो, मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अगर, कोई शिकायत करनी है तो पुलिस लाइन में आयुक्त कार्यालय में करें। 1 घंटे तक रुकने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित अपने घर लौट गए।
स्माइल फाउंडेशन के ऑफिस में कर्मचारी तैनात किए गए थे। इसमें लड़कियां शामिल थीं। वह लोगों को कॉल करके बुलाती थीं। इसके साथ ही मोहल्ले-मोहल्ले जाकर भी योजना के बारे में बताया जा रहा था। हर किसी को लाभ देने की बात कही गई थी। पीड़ित महिलाएं गरीब परिवारों से हैं। उन्होंने इस उम्मीद में फॉर्म भरा था कि रोजगार मिल जाएगा। राशन भी मिलने लगेगा। एक महीने से यह संस्था चल रही थी।
दयालबाग निवासी चंद्रवती ने बताया कि सोमवार को ही फॉर्म भरवाया था। कहा था कि महीने में चार दिन रूई की बाती के पैकेट बनाने हैं। इसके बदले हर माह राशन और तीन हजार रुपये मिलेंगे। वहीं वजीरपुरा की शिल्पी ने कहा कि रविवार को मेरा फॉर्म भरवाकर मुझसे पांच महिलाओं की टीम बनाने के लिए कहा गया था। मंगलवार को पांच फॉर्म और भरवाने के बाद बुधवार को ऑफिस पर राशन लेने आने के लिए कहा था। जब पहुंचे तो वहां कोई नहीं था।
हरीपर्वत क्षेत्र और शास्त्रीपुरम में ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं, जिनमें लोगों को लालच देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन को केवल 3000 रुपये में रजिस्ट्रेशन कराकर देने और 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन कर चेन बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये लेकर संचालक फरार हो गए। इनमें से एक भी धोखेबाज पुलिस के हाथ नहीं लग पाए।