आगरा नगर निगम क्षेत्र में घरों की संख्या 3.50 लाख है। नगर निगम डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन 4.25 लाख घरों से कर रहा है। इसके अलावा 1,04,001 काॅमर्शियल इमारतों से कचरा उठा रहा है। आंकड़ों का यह फर्जीवाड़ा आगरा नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दाखिल की गई रिपोर्ट में फॉर्म-4 में किया है।
नगर निगम के पास गृहकर के लिहाज से केवल 3.50 लाख संपत्तियां हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में डॉ. शरद गुप्ता की याचिका पर आज सुनवाई होनी है। कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट की चार साल पहले अनुमति मिलने के बाद भी इसका काम शुरू नहीं हो पाया। इस मामले में दायर की गई याचिका में कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर जमा पुराने कचरे की रिपोर्ट भी सौंपी गई है। इसी रिपोर्ट में नगर निगम ने आंकड़ों की बाजीगरी की है। निगम के गृहकर के आंकड़ों में शहर में 3.50 लाख घर हैं।
कूड़ा उठाने के समय इनकी संख्या 4,24,901 पहुंच रही है। इसके अलावा 1,04,001 कॉमर्शियल इमारतों से कचरा लिया जा रहा है। फॉर्म 4 में बताया गया, 952 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना घरों से उठाकर कुबेरपुर पहुंचाया जा रहा है। 661 की प्रोसेसिंग हो रही है। बाकी 291 मीट्रिक टन कचरा लैंडफिल साइट पर भरा जा रहा है। इसी रिपोर्ट में लैंडफिल किए जाने वाले कचरे की मात्रा 546 मीट्रिक टन बताई गई है।