लखनऊ के एक युवक और गाजियाबाद की युवती ने आगरा की युवती से धोखाधड़ी कर ली। युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात बताया। बाल विकास और आशा कार्यकर्ती का टेंडर दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की मांग की।
पीड़िता ने छह लाख नकद और आठ लाख के दो चेक दिए। इसके बावजूद टेंडर नहीं मिला। इस पर रकम वापस मांगी। समय रहते धोखाधड़ी का पता चलने पर चेक का भुगतान रुकवा दिया। अब आरोपी बचे हुए छह लाख रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं। मामले में दो नामजद के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नीतू राणा ने किया था फोन
विभव नगर सेक्टर चार निवासी नेहा बालियान ने मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित नेहा के मुताबिक, उनके पिता का देहांत हो चुका है। 20 साल पहले वो गाजियाबाद में रहते थे। तब उनकी जान पहचान गाजियाबाद के इंद्रा पुरम निवासी नीतू राणा से हुई थी। आरोप है कि छह अक्तूबर को नीतू ने नेहा को फोन किया। कहा कि उसकी जान पहचान लखनऊ सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में सचिव के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी पंकज गुप्ता से है।