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Agra: आईएएस अधिकारी बन छह लाख रुपये हड़पे, पीड़िता ने युवक और युवती के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

Fri, 18 Nov 2022 07:40 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आरोपियों ने युवती को बाल विकास और आशा कार्यकर्ता का टेंडर दिलाने का झांसा दिया। उससे छह लाख रुपये नकद ले गए। बाद में आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। तब पीड़िता का पता चला है कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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लखनऊ के एक युवक और गाजियाबाद की युवती ने आगरा की युवती से धोखाधड़ी कर ली। युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात बताया। बाल विकास और आशा कार्यकर्ती का टेंडर दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की मांग की। 
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पीड़िता ने छह लाख नकद और आठ लाख के दो चेक दिए। इसके बावजूद टेंडर नहीं मिला। इस पर रकम वापस मांगी। समय रहते धोखाधड़ी का पता चलने पर चेक का भुगतान रुकवा दिया। अब आरोपी बचे हुए छह लाख रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं। मामले में दो नामजद के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है।

नीतू राणा ने किया था फोन 

विभव नगर सेक्टर चार निवासी नेहा बालियान ने मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित नेहा के मुताबिक, उनके पिता का देहांत हो चुका है। 20 साल पहले वो गाजियाबाद में रहते थे। तब उनकी जान पहचान गाजियाबाद के इंद्रा पुरम निवासी नीतू राणा से हुई थी। आरोप है कि छह अक्तूबर को नीतू ने नेहा को फोन किया। कहा कि उसकी जान पहचान लखनऊ सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में सचिव के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी पंकज गुप्ता से है।
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आरोपी ने कहा कि नगर निगम ने बाल विकास और आशा कार्यकर्ता के टेंडर निकाले हैं। वो टेंडर दिला देगी। तुम्हें पिता के काफी रुपये मिले हैं। पंकज गुप्ता मदद कर देंगे। इसमें रकम लगाने पर अच्छा मुनाफा होगा। इस पर नेहा ने विश्वास कर लिया। टेंडर के लिए हामी भर दी। दस अक्तूबर को पंकज गुप्ता उससे मिलने आ गए। उन्होंने एक प्रार्थना पत्र तैयार कराकर उनके हस्ताक्षर करा लिए। इसे नोटराइज्ड भी कराया गया। उन्होंने जल्द ही टेंडर दिलाने का आश्वासन दिया।

चेक का भुगतान रुकवाया

आरोप है कि नेहा ने पंकज गुप्ता को छह लाख रुपये नकद दे दिए, जबकि दो चेक चार-चार लाख के बिना नाम और दिनांक के दे दिए। रकम लेने के बाद नीतू राणा और पंकज गुप्ता की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। आरोपियों ने फोन भी उठाने बंद कर दिए। इससे उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ। 

इस पर नेहा ने अपनी बैंक से चेकों का भुगतान रुकवा दिया। हालांकि चेक अभी आरोपियों के पास हैं। वहीं उन्होंने छह लाख रुपये भी वापस नहीं किए हैं। अब आरोपी धमकी दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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