कासगंज। बेसिक के बाद अब उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की जांच तेजी से की जा रही है। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को अब 12 बिंदुओं के निर्धारित प्रारूप पर पूरा ब्योरा उपलब्ध कराना है। सभी दस्तावेज स्वप्रमाणित प्रस्तुत करने होंगे।
अनामिका प्रकरण के बाद प्रदेशभर में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की जांच चल रही है। इसके बाद अब माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों की जांच एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम कर रही है। जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग की जांच डीआईओएस के नेतृत्व वाली टीम कर रही है।
इन सभी शिक्षकों से दस्तावेज मांगे हैं। इस बीच जांच कमेटियों ने शिक्षकों से 12 बिंदुओं के निर्धारित प्रारूप के साथ सभी दस्तावेज संलग्न करते हुए सूचनाएं मांगी हैं। जांच कमेटियों ने दो दिन में समस्त दस्तावेज स्वप्रमाणित मांगे हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि जो शिक्षक स्वप्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा-
सभी संकुल शिक्षकों को कड़ी चेतावनी
- बेसिक शिक्षा विभाग में की जा रही फर्जीवाड़े की जांच के लिए बीएसए अंजली अग्रवाल ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों के दस्तावेज मांगे हैं। हांलाकि अधिकांश संकुल शिक्षकों ने तो अपनी अपनी न्यायपंचायत के शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। कुछ शिक्षक अभी भी लापरवाह बने हैं। बीएसए ने बताया कि संकुल शिक्षकों को चेतावनी दे दी गई है कि जल्द पत्रावलियां दें।
- निर्धारित प्रारूप पर महाविद्यालय के प्राचार्यों और प्रवक्ताओं से बिंदुवार सूचनाएं मांगी गई हैं। दो दिन का समय दिया गया है- ललित कुमार, जांच कमेटी अध्यक्ष उच्च शिक्षा।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी राजकीय और एडिड विद्यालयों के शिक्षकों को प्रारूप उपलब्ध करा दिया गया है और उनसे जल्द दस्तावेज मांगे हैं। - रजनीकांत निर्मल- डीआईओएस।