सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि स्टिंग कर फतेहपुर सीकरी के गांव मंडी गुड के निकट मां वैष्णवी हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का खेल पकड़ा है। आरोपी नीलम और सोनू गर्भपात कराते थे। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि ये दंपती भ्रूण लिंग जांच के लिए 12 हजार रुपये और गर्भपात के लिए अलग से करीब आठ हजार रुपये लेते थे।
झोलाछाप के जरिये एजेंट तक पहुंचते मरीज
भ्रूण लिंग जांच करते हुए डाॅक्टर भी पकड़े गए
आगरा में भ्रूण लिंग जांच के अभी तक आठ मामले पकड़े जा चुके हैं। ये राजस्थान और हरियाणा की टीम ने पकड़े हैं। आईएमए की पूर्व अध्यक्ष भी भ्रूण लिंग जांच में पकड़ी जा चुकी हैं। यमुनापार में तीन, सदर में एक, संजय प्लेस व रुनकता में एक-एक और फतेहाबाद में भी एक मामला पकड़ा गया था।