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Agra: एडीए की संपत्तियों में फर्जीवाड़ा, एक साल में भी पूरी न हो सकी आय से अधिक कमाई के मामले में जांच

Wed, 01 May 2024 09:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पांच बाबू व एक सहायक लेखाधिकारी पर आय से अधिक कमाई के आरोप हैं।हाईकोर्ट के आदेश पर मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। एक साल बाद भी जांच के नाम पर नतीजा शून्य रहा।
 
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ADA - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने गेट पर लगा दलालों से सावधान का बोर्ड तो हटा दिया, लेकिन पटलों पर दलालों की आवाजाही और बाबूराज खत्म नहीं हो सका। बाबू ही नहीं, सुपरवाइजर से लेकर अभियंता तक अवैध निर्माणों और संपत्तियों के आवंटन में फर्जीवाड़ा करते पकड़े जा चुके हैं। कार्रवाई हुई हैं लेकिन ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगा है।
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ऐसे में एडीए अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उनके लचर रवैये से गड़बड़ियां थमने का नाम नहीं ले रही, कार्रवाई दिखावे की हैं। पांच बाबू व एक सहायक लेखाधिकारी पर आय से अधिक कमाई के आरोप हैं।हाईकोर्ट के आदेश पर मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। एक साल बाद भी जांच के नाम पर नतीजा शून्य रहा। याचिकाकर्ता रवि गांधी का कहना है कि वह हाईकोर्ट में अब अवमानना याचिका दायर करेंगे।

संपत्तियों के आवंटन में एक तरफ बाबूओं पर अपने रिश्तेदारों को अनैतिक लाभ पहुंचाने के लिए भूखंड आवंटित कराने के आरोप हैं। दूसरी तरफ एक संपत्ति को दो बार आवंटित करने पर बाबू मनीष यादव निलंबित चल रहा है। नया मामला प्रवर्तन विभाग से जुड़ा है। जहां एक निर्माण को अवैध बताकर बाबू ने एडीए सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से सीलिंग के आदेश जारी कर दिया। इनके अलावा 12 से अधिक मामलों में अवैध निर्माणों को सुपरवाइजर व अवर अभियंताओं पर संरक्षण देने की शिकायतें लंबित हैं।
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दोषियों पर की है कार्रवाई
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर मामले में बाबू के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार या गड़बड़ी के संबंध में कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

केस-1
- 26 जनवरी 2023 टीला माईथान में बेसमेंट खोदाई के दौरान 8 मकान ढह गए। मलबे में दबकर एक मासूम की मौत हो गई। आरोपी अवैध निर्माणकर्ता की जगह पड़ोसी को फर्जी नोटिस जारी करने पर एक्सईएन अखिलेश चौधरी को हटाया गया।

केस-2
- 19 दिसंबर 2023 को संपत्ति विभाग में तैनात बाबू नासिर खान ने एक संपत्ति की सूचना व फाइल बार-बार मांगने पर उपाध्यक्ष को उपलब्ध नहीं कराई। फाइल में गड़बड़ियां मिलने पर तत्कालीन उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बाबू निलंबित किया।

केस-3
- 24 अप्रैल 2024 को प्रवर्तन विभाग में तैनात बाबू दुष्यंत शर्मा ने सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से अवैध निर्माण सील का नोटिस जारी कर दिया। शिकायत पर उपाध्यक्ष ने बाबू को निलंबित किया है। मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस में तहरीर दी गई है।
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