एटा के अलीगंज में शातिरों ने बैंक कर्मचारी बनकर दो किसानों से उनका फसली ऋण माफ कराने के नाम पर 50 हजार रुपये ठग लिए। यही नहीं शातिरों ने किसानों को फोन पर भी बता दिया कि उनका नाम सूची में आ चुका है। जब किसानो ने बैंक जाकर जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनका नाम प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना के तहत है।
एटा के अलीगंज निवासी किसान राम चरन और अंगद ने दो साल पूर्व बैंक से 2.5 लाख रुपये फसली ऋण बैंक से लिया था, लेकिन बारिश में फसल बर्बाद होने के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे। इधर, शासन ने किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की।
बैंकों ने कर्जमाफी के दायरे में आए किसानों की सूची जारी कर दी, लेकिन किसानों को इसकी भनक नहीं लगी। इसी का फायदा उठा कर दो शातिरों ने बैंक कर्मी बन कर किसानों से संपर्क साधा और पचास हजार रुपये खर्च करने पर दो लाख रुपये फसली ऋण से मुक्ति दिलाने का झांसा दिया। झांसे में आकर दोनों किसानों ने रकम दे दी।
इसी बीच बैंक ने कर्ज माफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची जारी कर दी। किसानों ने बैंक जाकर पता किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। शनिवार को ठगी के शिकार किसानों एसएसपी दफ्तर में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।