परीक्षा समिति की बैठक में रिपोर्ट पढ़ने के बाद समिति के सदस्यों ने कुछ और बिंदुओं पर जांच करने की सिफारिश की है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व के मामले की जांच रिपोर्ट परीक्षा समिति में रखी गई थी, इसमें कुछ बिंदु और जोड़कर, इनकी भी जांच करने के लिए समिति के अध्यक्ष से अपील की है। इन बिंदुओं पर जांच होने के बाद दोषी प्रोफेसरों और कर्मचारियाें कार्रवाई तय होगी।
कोर्ट के आदेश पर दी गई अंकतालिका
बीएड 2012-13 की कॉपियों में छेड़छाड़ के बाद परिणाम भी रुक गया था। इस पर फरवरी-मार्च 2019 में छात्रों ने 32 दिन तक धरना दिया। कुछ छात्र कोर्ट चले गए। कोर्ट से अनुमति लाने वाले छात्रों को अंकतालिका और डिग्री दी गई। साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से बनी आंतरिक समिति ने उन कॉपियों का परिणाम तैयार कर दिया जिनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी। 6674 कॉपियों में छेड़छाड़ मिलने के बाद उनसे संबधित परीक्षार्थियों का परिणाम अभी तक रुका हुआ है।