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आगरा में वायरल बुखार का प्रकोप, पांच दिनों में चार की मौत, कई मरीजों की हालत गंभीर

Thu, 12 Sep 2019 12:26 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ग्रामीणों का किया गया मेडिकल चेकअप - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में वायरल फीवर का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। फतेहाबाद क्षेत्र में तो बुखार से एक के बाद एक चार मरीजों की मौत के बाद ईधौन गांव में हड़कंप मचा हुआ है। अब भी गांव में 100 अधिक ग्रामीण बुखार से तप रहे हैं। वहीं अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है। 
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बुधवार को भी डॉक्टरों की टीम गांव ईधौन में डटी रही। इस दौरान कुल 214 लोगों की जांच की गई। वहीं बुखार पीड़ितों में पांच की हालत गंभीर देख उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया है। सीएमओ ने भी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। 

फतेहाबाद क्षेत्र के गांव ईधौन में वायरल बुखार के प्रकोप से घर-घर बीमारों की चारपाई बिछी हुई है। कस्बे से लगभग 20 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए विवश हैं। 
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झोलाछाप के इलाज से गई जान

इन्हीं झोलाछाप के इलाज के कारण पांच दिनों में चार लोगों की जान भी जा चुकी है। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मंगलवार की रात ही सीएचसी फतेहाबाद प्रभारी डॉ प्रमोद कुशवाहा के नेतृत्व में चिकित्सकों की दो टीमें गांव पहुंची और बीमार मिले 104 लोगों की जांच करके उपचार किया था। 

बुधवार को शिविर गांव में लगा रहा। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीमारों की जांच के अलावा 52 मरीजों के रक्त की नमूने भी लिए गए हैं। परीक्षण में मृतक मुकेश के पुत्र अरविंद (3), सावित्री (50), बत्तीराम (60), दौजीराम (40), केदारी (45) की हालत गंभीर देख आगरा रेफर किया गया। 

बता दें कि गांव में वायरल फीवर फैलने से दो बच्चियों समेत 5 दिन में चार लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में मुकेश (45) पुत्र श्यामलाल, कपूरी देवी (60) पत्नी बेताल सिंह, गंगा देवी (60) पत्नी भजनलाल, नंदनी (ढाई वर्ष) पुत्री देवकरण की मौत हो चुकी है। 

वायरल फीवर के 40 फीसदी मरीज आ रहे

सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में वायरल फीवर के 40 फीसदी तक मरीज आ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में वार्ड फुल हो गए हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी यही हाल है। एसएन के मेडिसिन विभाग में औसतन 650 मरीज आ रहे हैं। 

मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने बताया कि दो सप्ताह में बुखार के नए मरीजों की संख्या 35 फीसदी से अधिक बढ़ गई है। तेज बुखार रह रहा है, सात से दस दिन मरीज को सामान्य होने में लग रहे हैं।  सीएचसी और पीएचसी में रोजाना 1500 से 2000 मरीज आ रहे हैं। 
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यह हैं लक्षण

वायरल फीवर: 
- हल्की सर्दी के साथ बुखार आना। 
- गला खराब और जुकाम रहता है।
- सात से दस दिन में उतरता है बुखार।
मलेरिया: 
- जाड़े के साथ तेज बुखार आना।
- बुखार का एक-दो दिन छोड़कर आना। 
- उल्टी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन।  
तेज बुखार के बाद पसीना आकर फिर बुखार आना।  
डेंगू: 
बुखार से पहले जाड़ा लगना, शरीर में दर्द।  
सिर, जोड़ दर्द, आंखों में दर्द, आंखें लाल होना।  
कमजोरी महसूस होती है, बैचेनी हो सकती है। 
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