यूपी के एटा में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं की सेहत बिगड़ने का मामला अभी थम नहीं रहा है। गुरुवार को विद्यालय की चार छात्राओं की तबीयत फिर से बिगड़ गई।
सुबह परीक्षा देने के दौरान अचानक छात्राओं को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। स्कूल स्टाफ ने छात्राओं को अवागढ़ पीएचसी पर भर्ती कराया गया।
गत 16 मार्च को अवागढ़ के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 55 छात्राओं की सेहत बिगड़ने का मामला सामने आया था। इसमें चार छात्राओं को आगरा रेफर किया गया था। डीएम ने जांच कमेटी गठित की थी।
बीमार छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को वीर नगर निवासी कक्षा सात की छात्रा रजनी पुत्र राजेंद्र सिंह, एकता पुत्री वीरेंद्र सिंह निवासी टोडरपुर, रचना पुत्री शेषपाल निवासी गदनपुर और निशा पुत्री इंद्रपाल निवासी रफतनगर की परीक्षा देने के दौरान तबीयत बिगड़ गई।
बताया जाता है कि रजनी और एकता घर से खाना खाकर परीक्षा देने आई थीं। जबकि रचना और निशा ने स्कूल में सुबह दलिया और बिस्किट खाए थे। छात्राओं को पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद अवागढ़ पीएचसी पर भर्ती कराया गया।
यहां हालत में सुधार नहीं होने पर छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां छात्राओं की हालत खतरे से बाहर है। वहीं लगातार छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से अन्य छात्राओं में सहमी हुई हैं।
छात्रावास में रह गईं 23 छात्राएं
लगातार छात्राओं की सेहत बिगड़ने के मामले के चलते विद्यालय में छात्राएं वार्षिक परीक्षा में भाग नहीं ले रही हैं। गुरुवार को 100 में से महज 60 छात्राओं ने परीक्षा दी।
वहीं छात्रावास में महज 23 छात्राएं रह रही हैं। अन्य छात्राएं घर से आकर परीक्षा दे रही हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं की सेहत बिगड़ने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वार्डन के खिलाफ भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। इसके साथ ही लेट लतीफ शिक्षकों को भी बख्श दिया गया है। पिछले दिनों डीएम और बीएसए को निरीक्षण के दौरान दो-दो शिक्षिकाएं गैरहाजिर मिली थीं। मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।