मैनपुरी। भोगांव थाना क्षेत्र के तुल्जापुर गांव में 12 वर्ष पूर्व दहेज के लिए एक विवाहिता की जलाकर हत्या की गई थी, इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कुलदीप सिंह की अदालत से चार आरोपियों को बुधवार को दोषी करार दिया। इनमें मृतका के पति, जेठ, जेठानी और सास शामिल हैं। सुनवाई के दौरान ससुर की मौत हो चुकी है। 17 दिसंबर को कोर्ट सुनवाई कर दोषियों पर सजा का निर्धारण करेंगी।
वादी मुकदमा सर्वेश कुमार पुत्र मैकूलाल निवासी ग्राम दिवरनिया, बेबर ने कोर्ट के आदेश पर भोगांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, इसमें उन्होंने बताया था कि वो अपनी पुत्री रीना की शादी 5 जून 2009 को नीरज पुत्र अंतराम राठौर निवासी तुल्जापुर, भोगांव के साथ की थी।
दान दहेज से पुत्री का पति नीरज, ससुर अंतराम, सास शांति देवी, जेठ दीपू, जेठानी मीनू व ननद संतुष्ट नहीं थे। इसके कारण बेटी से मारपीट करते थे।
20 हजार रुपये, एक भैंस मायके वालों से दिलाने की मांग करते थे। 12 अक्तूबर 2012 की रात गांव के प्रधान ने 2.30 बजे के करीब सूचना दी कि बेटी को ससुराल वालों ने जिंदा जला दिया है। सैफई अस्पताल में भर्ती है, मौके पर पहुंचे। 13 अक्तूबर को मजिस्ट्रेट के द्वारा बेटी के बयान लिए गए। उसी रात को बेटी की मौत हो गई। इस मामले में भोगांव पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की। इसमें आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने ट्रायल के दौरान अभियोजन अधिवक्ता संजीव चौहान द्वारा पेश साक्ष्यों व 7 गवाहों की गवाही व मृतिका के मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेट को दिए बयानों को सही पाते हुए पति नीरज, सास शांति देवी, जेठ दीपू, जेठानी मीनू को दोषी करार दिया है।
ससुर अंतराम की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। दोषियों की सजा के बिंदु पर 17 दिसंबर को कोर्ट सुनवाई करेगा। बुधवार को दोषी करार दिए जाने के बाद चारों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।