आगरा के थाना मलपुरा पुलिस ने बुधवार को एक सनसनी खेज मामले का खुलासा करते हुए ऑनलाइन धमकी देकर ज्वेलर्स से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ककुआं स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना को आधार बनाकर 12.5 करोड़ रुपये की कथित रकम में से 20 प्रतिशत हिस्सा वसूलने की साजिश रची।
थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ के अनुसार 28 फरवरी को गांव ककुआं निवासी प्रमोद कुमार ने थाने में तहरीर दी थी कि 19 फरवरी की रात उनकी ज्वेलर्स की दुकान से चोर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए हैं। घटना के कुछ दिन बाद 23 फरवरी से उनके मोबाइल पर ऑनलाइन मैसेज और कॉल आने लगे। इतना ही नहीं परिवार के अन्य सदस्यों के नंबरों पर भी कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई और मोटी रकम की मांग की गई।
आरोपियों ने पीड़ित को मनगढ़ंत कहानी सुनाते हुए दावा किया कि ऑनलाइन गेम के माध्यम से 12.5 करोड़ रुपये की रकम जीती गई है, जिसमें से 20 प्रतिशत हिस्सा उन्हें देना होगा, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। धमकी भरे संदेशों से परिवार पर मानसिक दबाव बनाया गया। इस दौरान व्यापारी के परिवार की निजी जानकारी भी शातिर लोगों के द्वारा शेयर की गई।
पुलिस जांच में इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड धनौली निवासी इमाम लतीफउर्हमान निकला। उसके साथ ककुआ निवासी हृदेश, सैंया क्षेत्र के वीरई गांव निवासी गौरव शर्मा और मथुरा निवासी धीरज को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार, छह मोबाइल फोन और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले धमकी देने के लिए पूरी स्क्रिप्ट तैयार करते थे, फिर पीड़ित और उसके परिवार की जानकारी जुटाकर उन पर दबाव बनाते थे। पहचान छिपाने के लिए वीपीएन एप, लाइन प्लस एप और जस्ट कॉल एप का इस्तेमाल किया जाता था। यहां तक कि सबूत मिटाने के लिए कागज पर रिहर्सल करने वाले धमकी भरे मैसेज पेन से लिखते थे, जिन्हें आरोपी निगल जाते थे। संदेह से बचने के लिए कई संदेश भोजपुरी भाषा में भेजे गए।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन पर भारी कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उन्होंने रंगदारी की साजिश रची। पुलिस ने चारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।