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आगरा: बाह में व्यापारी की पत्नी-बेटी की हत्या के मामले में चार बदमाश गिरफ्तार, खौफनाक तरीके से की थी वारदात

Sun, 08 May 2022 03:39 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के बाह कस्बे में नौ मार्च 2022 की रात बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। कल्याण सागर निवासी व्यापारी उमेश पैंगोरिया के घर में घुसे बदमाशों ने उनकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी थी। इसके बाद घर में रखा सामान लूट ले गए थे। 
 
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लूट और दोहरे हत्याकांड के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के बाह में गली कल्याण सागर में जूता कारोबारी उमेश पेंगोरिया की पत्नी कुसुमा देवी (60) और बेटी सविता गुप्ता (40) की हत्या और लूट में पुलिस ने चार बदमाशों को शनिवार रात को गिरफ्तार कर लिया। उनका एक साथी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों से लूट गए जेवरात और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए हैं।

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नौ मार्च की रात को घटना हुई थी। कुसुमा देवी और सविता गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। व्यापारी के धेवते अनुज को व्यापारी ने चुप करके अलग खड़ा कर दिया था। दूसरे दिन घटना का पता चलने पर पुलिस ने हत्या और लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। धेवते ने शुरू से ही बदमाशों की संख्या पांच बताई थी। पुलिस पहले घटना में किसी जानकार का हाथ मान रही थी। इसलिए व्यापारी के बेटों से भी पूछताछ की गई थी। परिवार के अन्य लोगों को भी 15 से अधिक बार थाने पर बुलाया गया था। इससे परिजनों में आक्रोश था।

मुक्के मारे, बरमा से किया प्रहार

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि बाह के खांद चौराहे पर शनिवार रात को चेकिंग के दौरान मेघराज, रामवीर, राजेश और सुनील की गिरफ्तारी की है। पुलिस की पूछताछ में बताया कि उन्होंने साथी भरत के साथ मिलकर बाह में व्यापारी उमेश पेंगोरिया के घर में वारदात की थी। उनका गैंग ऐसे घरों को निशाना बनाता है, जहां बुजुर्ग और महिलाएं रहती हैं। भरत को पता था कि उमेश पेंगोरिया के घर में महिलाएं हैं। उन्होंने प्लाट बेचा है। इस पर लूट की योजना बनाई।

वह मैरिज होम की छत से व्यापारी घर की छत पर गए थे। छत पर लगे दरवाजे में छेद किया। इसके बाद दरवाजे की कुंडी खोल ली थी। कमरे में मां-बेटी सो रही थीं। दोनों जाग गई थीं। इसके बाद शोर मचाना शुरू कर दिया था। रोकने पर हमलावर हो गईं। इस पर उन्होंने दोनों की पिटाई की थी। मुंह पर मुक्के और बरमा मारे थे। साड़ी से हाथ-पैर भी बांध दिए थे। शोर न करें, उसके लिए तकिये से मुंह दबा दिया। इससे दोनों की मौत हो गई। 

बच्चे को डरा धमकाकर चुप कर दिया था। हत्या के बाद एक अलमारी से रुपये और जेवरात लूटकर फरार हो गए  थे। ऐसे रास्ते से भागे, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। जंगल में जाकर माल का बंटबारा कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूट का माल और अन्य सामान बरामद किया गया। उन्होंने फिरोजाबाद, पिनाहट और फतेहाबाद में तीन घरों को वारदात के लिए चिह्नित किया था। इससे पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।

इनकी हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने पिनाहट के गांव झूरियान निवासी मेघराज, फिरोजाबाद के नगला दया निवासी रामवीर, एत्मादपुर के रहनकला निवासी राजेश और डौकी के महल बादशाही निवासी सुनील को गिरफ्तार किया है। वहीं फिरोजाबाद के रामदासपुरा निवासी भरत फरार हो गया। आरोपियों से एक बरमा, लूटे गए जेवरात, दो बाइक, चार दस्ताने, छह मोबाइल और दो तमंचे बरामद किए गए।
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मेघराज और रामवीर हैं सरगना

पुलिस ने बताया कि मेघराज और रामवीर गैंग के सरगना है। मेघराज के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रामवीर के खिलाफ 20 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 11 फिरोजाबाद, चार बाह, तीन डौकी, एक-एक फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद में दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, लूट, हत्या, जानलेवा हमला, अपहरण के मुकदमे शामिल हैं।

खुलासे पर सवाल: लूट में मुकदमा, अब डकैती के दौरान हत्या में चालान

उमेश पेंगोरिया ने बताया कि वह खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनके घर में पांच बदमाशों ने डकैती डाली थी। पहले दिन से ही धेवता अनुज यह बात कह रहा है। मगर, पुलिस ने दो बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस धेवते से 20 से अधिक बार पूछताछ भी कर चुकी थी। उनके घर से बदमाश दस लाख रुपये, 15 तोले सोने और आधा किलोग्राम चांदी के जेवरात लूट ले गए थे। 

जेवरात की लिस्ट भी पुलिस को दी थी। खुलासा किया गया तो चार बदमाश दिखाए गए। एक फरार है। धेवते से किसी की शिनाख्त तक नहीं कराई गई। बरामद गहनों की पहचान तक नहीं कराई। बस गहनों की डिब्बी पर हस्ताक्षर करा लिए गए। रकम की बरामदगी नहीं हुई। जेवरात भी नाम मात्र के बरामद हुए हैं। आरोपियों का चालान भी डकैती के दौरान हत्या में कर दिया गया। 
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