आगरा। एडीजे-19 लोकेश कुमार ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में गवाहों के बयानोें में गंभीर विरोधाभास को देखते हुए जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी आरोपी दीपू उर्फ दीपक, टीटू, लवकुश उर्फ लख्खो और बुद्धा उर्फ रामेश्वर को बरी करने के आदेश दिए।
थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अशोक कुमार ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके ससुर जियालाल की वर्ष 2013 में मृत्यु हो गई। उनकी सास श्यामवती और साला रवि मथुरा इंद्रा नगर कॉलोनी में रहते थे। सास के मांट निवासी मुरारी से अवैध संबंध हो गए थे। पता चलने पर साला रवि विरोध करता था। शादी के बाद वह भी अपनी मां से अलग डौकी में रहने लगा। उसे पता चला कि उसकी मां ने गांव में जमीन बेच दी। वह 6 जनवरी, 2018 को मां से अपने हिस्से के रुपये लेने गया। इसके बाद लौटकर नहीं आया। आसपास तलाश करने पर भी नहीं पता चला। दो दिन बाद उसका शव बिचपुरी क्षेत्र में मिला। पुलिस ने उसकी मां और प्रेमी मुरारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के दौरान आरोपी टीटू, दीपक, बुद्धा उर्फ रामेश्वर और लवकुश उर्फ लख्खो को भी आरोपी बनाया। इस मामले में श्यामवती और मुरारी के फरार हो जाने पर अदालत ने उनकी पत्रावली अलग कर दी। अदालत ने सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाया। संवाद