आगरा। तेंदुए की 10 खालों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों से अब वन विभाग पांच दिन तक कस्टडी रिमांड में पूछताछ करेगा। अदालत से कस्टडी रिमांड बुधवार से रविवार तक की मिली है। रिमांड मिलने के बाद वन विभाग की जांच टीम तेंदुए की खालों की तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
वन विभाग की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तेंदुओं का शिकार कहां किया गया, खालें आरोपियों तक कैसे पहुंचीं। इसके साथ ही तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। मोबाइल से मिले डेटा और बातचीत के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
वन विभाग को आशंका है कि तेंदुए की खालों की बरामदगी के पीछे वन्यजीव तस्करी का बड़ा नेटवर्क हो सकता है। कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर खालों के लाने का स्त्रोत पता किया जाएगा। जांच के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।