छावनी के दो बार के पूर्व विधायक और पूर्व राज्यमंत्री हरिद्वार दुबे को भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। दुबे कल्याण सिंह सरकार में वित्त राज्य मंत्री थे। उनकी गिनती आगरा के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में है। माना जा रहा है कि उन्हें टिकट देकर भाजपा ने ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की है।
दुबे सीतापुर, अयोध्या और शाहजहांपुर में आरएसएस के जिला प्रचारक रहे हैं। मूल रूप से बलिया के निवासी हैं। लंबे समय से आगरा में राजनीति कर रहे हैं। वर्ष 1969 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बन आगरा आए थे। तभी से यहां की राजनीति में हैं। 1983 में वे महानगर इकाई के मंत्री बने। इसके बाद महानगर अध्यक्ष बने।
1989 में छावनी से पहली बार चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद 1991 में भी जीते। उन्हें संस्थागत वित्त राज्यमंत्री बनाया गया। विवादों के चलते वर्षभर के अंदर मंत्री पद इस्तीफा देना पड़ा था। 2005 में वह खेरागढ़ विधानसभा से उपचुनाव लड़े, जिसमें हार का सामना करना पड़ा था। आगरा-फीरोजाबाद विधान परिषद चुनाव में भी हारे। वर्ष 2011 में प्रदेश प्रवक्ता और 2013 में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे।
बीएल वर्मा को भी बनाया उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपने आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। मौजूदा समय में प्रदेश से राज्यसभा सदस्य केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, भाजपा महासचिव अरुण सिंह व नीरज शेखर को फिर से उच्च सदन भेजने का मौका दिया है। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष रह चुके पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल, मुगरा बादशाहपुर (जौनपुर) की पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी, यूपी कंस्ट्रक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के अध्यक्ष व भाजपा के बृज क्षेत्र के अध्यक्ष रह चुके बी.एल. वर्मा, पूर्व मंत्री हरिद्वार दुबे और औरैया की पार्टी नेता गीता शाक्य को उम्मीदवार बनाया गया है।
नौवें उम्मीदवार पर सस्पेंस
नौंवें उम्मीदवार पर भाजपा ने सस्पेंस बरकरार रखा है। ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नरेश अग्रवाल या विराज सागर दास मैदान में उतर सकते हैं।