जम्मू-कश्मीर में अभिव्यक्ति की आजादी न दिए जाने का आरोप लगा इस्तीफा देकर चर्चा में आए पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन को शनिवार सुबह 11 बजे आगरा के सैंया में हिरासत में ले लिया गया।
वो नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों से मिलने जा रहे थे। वहां उन्हें एक पैनल डिस्कशन में भाग लेना था। उन्हें लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में रखा गया। आठ घंटे बाद शाम को सात बजे छोड़ दिया गया।
गोपीनाथन के एमएयू जाने की सूचना आते ही सैंया में राजस्थान सीमा पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सीओ खेरागढ़ प्रदीप कुमार तीन थानों की फोर्स और पीएसी लेकर पहुंचे थे। राजस्थान की ओर से आने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही थी।
मुचलके पर किया पाबंद
चार पहिया वाहनों के साथ ट्रक और बसों की भी चेकिंग की गई। करीब 11 बजे राजस्थान की ओर से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार में मौजूद कन्नन गोपीनाथन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें मुचलके में पाबंद कर दिया गया। शाम को मुचलके पर ही रिहा किया गया। एसपी पश्चिम रवि कुमार ने बताया कि उन्हें एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया था।
अनुच्छेद 370 हटाने पर दिया था इस्तीफा
कन्नन गोपीनाथन केरल के रहने वाले हैं। 2012 में आईएएस के लिए चुने गए। केंद्र शासित प्रदेश दादर और नगर हवेली में तैनात रहे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
हिरासत में लिए जाने के बाद किए कई ट्वीट
हिरासत में लिए जाने के बाद कन्नन ने ट्वीट किया, मुझे एक होटल में ले जाया जा रहा है, थाने में नहीं, वजह कुछ पता नहीं। दूसरे ट्वीट में लिखा, मुझे इस ढाबे में ले जा रहे हैं। पुलिस का व्यवहार अच्छा है। पुलिसवाले कह रहे हैं, वे आदेश के अनुसार ऐसा कर रहे हैं। तीसरे ट्वीट में लिखा कि अब तीसरी जगह ले जा रहे हैं, यह गेस्ट हाउस लगता है।