मुंह बोले बेटे के लिए सात समंदर पार कर आगरा पहुंची विदेशी महिला
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मां और बेटे का रिश्ता कुछ होता ही ऐसा है। फिर उस बेटे ने खुद की कोख से जन्म लिया हो या फिर वो मुंह बोला ही क्यों ने हो। एक मां और मुंह बोले बेटे की ऐसी ही कहानी आगरा के रुनकता में देखने को मिली। यहां सात समंदर पार स्काटलेंड की 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला जूली बेंटले 24 साल के मुंह बोले बेटे भानु प्रताप से मिलने आईं।
भानु प्रताप और उनके परिवार ने उनका भारतीय रीति रिवाज़ के साथ जोरदार स्वागत किया। अब जूली अपने छह दिन भानु के घर रुनकता में ही रहकर भारतीय संस्कृति को जानेंगी। रुनकता निवासी 24 वर्षीय भानु प्रताप पुत्र नारायण सिंह इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी करता है। एक वर्ष पहले भरतपुर में लक्ष्मी विलास पैलेस में शादी समारोह के दौरान केवलादेव पक्षी विहार देखने स्कोटलैंड की रहने वाली 65 वर्षीय जूली बेंटले से मुलाकात हुई। भारतीय संस्कृति से भरपूर समारोह देख जूली काफी प्रभावित हुईं। समारोह के दौरान उन्होंने एक दूसरे के मोबाइल नंबर लिए। इंस्टाग्राम पर चैट के बाद उनका मां बेटे का रिश्ता बन गया।
जूली की कोई संतान नहीं है और पति की भी मृत्यु हो चुकी है। इसलिए उन्होंने भानु प्रताप को ही अपना बेटा मान लिया है। बेटे भानू ने भी विदेशी महिला को मां का दर्जा दिया है। गुरुवार को बेटे से मिलने के लिए वह भारत आ गई।
ढोल नगाड़ों की धुन पर थिरक उठी विदेशी महिला
जूली बेंटले ने बताया कि वह भानु प्रताप को अपना बेटा मान चुकी हैं। बेटे से मिलने भारत और आगरा आई है। वे यहां छह दिन रुकेंगीं। भानु के घर रुककर धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगी और भारतीय संस्कृति को जानेंगी। रुनकता में स्वागत के दौरान खुशी से झूमती जूली ने ढोल नगाड़ों पर ग्रामीणों के साथ नाच किया और जय श्री राम के जयकारे लगाए।
हाई फैसिलिटी में रहने वाली महिला ने होटल ठहरने से किया मना
स्वयं के देश में जूली करोड़ों रुपए की संपत्ति की मालिक हैं। विदेश में उनकी हाई प्रोफ़ाइल बनी हुई है। जूली बेंटले ने आगरा में होटल में रुकने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि वह अपने बेटे से मिलने इंडिया आई हैं। वह बेटे के घर ही रुकेंगी। उनको भारतीय संस्कृति बहुत पसंद है।