गंभीर रोगियों के लिए ज्यादा खतरा
एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट अब खतरनाक होता जा रहा है। खासतौर से सांस रोगी, टीबी-हृदय और कैंसर के मरीजों के लिए खतरा अधिक है। एसएन में भी तीन ऐसे मरीज भर्ती हैं, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह सोचना कि यह वैरिएंट कम घातक है, यह लापरवाही मुसीबत बन सकती है।
टीका लगवाएं, बिना मास्क न निकलें
रैपिड रिस्पांस टीम के डॉ. अंशुल पारीक ने बताया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की जब ट्रैकिंग की तो वह बाजार या अन्य जगह में बिना मास्क के मिले। हाथों की सफाई पर भी ध्यान नहीं थो। पूछने पर अलग-अलग वजह बताईं। ऐसे में वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण कराने के साथ ही बिना मास्क के तो घर से कतई बाहर ही नहीं निकलें।
बरतें ये सावधानियां
- त्रिस्तरीय मास्क लगाएं, नाक-मुंह पूरी तरह से ढकें।
- विशेष जरूरत होने पर अस्पताल में इलाज को जाएं।
- सामूहिक समारोहों से बच्चों के साथ दूरी बनाएं।
- जरूरी होने पर पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को मास्क लगाकर ही बाहर भेजें।
- टीके की दोनों खुराक लें, 15-18 साल केे उम्र वालों का भी टीकाकरण करवाएं।
- ड्राई फ्रूटस, फल, चने खाएं, शाम को दूध जरूर पीएं।
- भोजन में हरी सब्जी, दाल, चपाती लें, फास्ट फूड से बचें।