कासगंज। तीन दिन से लगातार कोहरे का कहर जारी है। तीसरे दिन भी कोहरा नहीं छटा और धूप भी नहीं निकली। आद्र्रता बढ़ जाने से गलन भरी सर्दी का माहौल बन गया। कड़ाके की ठंड से लोग परेशान होते नजर आए। जनजीवन पर लगातार कड़ाके की ठंड का असर बना हुआ है। ग्रामीण इलाके से लेकर शहर तक जनजीवन पर असर साफ नजर आ रहा है। बृहस्पतिवार को पांच ट्रेनें विलंब से चलीं। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं निगम की बसों का संचालन भी कोहरे की स्थिति को देखते हुएसे किया गया।बृहस्पतिवार को अधिकतम पारा 20 डिग्री सेल्सियस पर था जबकि न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर था। वातावरण में आद्रता शत-प्रतिशत थी जो गलन बढ़ाने का कार्य कर रही थी। बृहस्पतिवार को ठंड के साथ गलन बढ़ गई। वृद्ध, बच्चे व कामकाजी लोग इस कड़ाके की ठंड से परेशान नजर आ रहे थे। वह जगह-जगह अलाव तापकर ठंड से छुटकारा पा रहे थे। बाजारों में भी ठंड का काफी प्रभाव रहा। बाजारों में देर से ही लोग जरूरत के सामान की खरीदारी को निकले। कोहरे और ठंड के कारण बाजार देर शाम करीब 8 बजे बंद हो रहे हैं। इसके बाद केवल दवा और खानपान की दुकानें ही खुली थीं। रेल यातायात कोहरे कारण प्रभावित हुआ। पांच ट्रेनें देरी से चलीं। 05350 फर्रुखाबाद-कासगंज 40 मिनट विलंब से जंक्शन पहुंची। 05424 भरतपुर-कासगंज 11:50 बजे के स्थान पर 12:45 स्टेशन पर पहुंची। लखनऊ-कासगंज एक्सप्रेस दोपहर 2:30 बजे के स्थान पर 3:20 मिनट पर पहुंची। 05335 काशीपुर-कासगंज 12:45 बजे के स्थान पर 13:15 बजे जंक्शन पहुंची। 05062 टनकपुर-मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन 8:50 बजे के स्थान पर 9:50 बजे स्टेशन पर पहुंची। वहीं निगम के डिपो से भी बसें समय से संचालित नहीं हो सकीं। एक यात्रियों की संख्या कम होने के कारण चालक परिचालकों को यात्रियों का इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा प्रभाव दिल्ली जाने वाली सेवाओं पर हुआ। बुधवार की रात्रि को कोहरा इतना घना था कि कासगंज-मथुरा-बरेली मार्ग पर दृश्यता 5 से 10 मीटर के बीच थी। ऐसी स्थिति में वाहन रेंगते प्रतीत हो रहे थे। गंगा नदी के निकट पहुंचने पर यह कोहरा और अधिक हो गया। यहां दृश्यता 5 मीटर से भी कम रह गई।
आज भी रहेगा स्कूलों में अवकाश
कासगंज। जिलाधिकारी सुधा वर्मा के निर्देश पर जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए शुक्रवार को स्कूलों का अवकाश घोषित किया गया है। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के स्कूल बंद रहेंगे। संवाद