कासगंज में गेंदा के फूल की खेती
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कासगंज। दीपोत्सव पर गेंदा फूल की मांग बढ़ गई है। हर साल बढ़ती मांग को लेकर इस बार पिछली साल की अपेक्षा गेंदा की खेती का रकवा भी बढ़ गया है। मान्यता है कि भगवान गणेश को पूजा अगर गेंदा के फूल से अर्पित किए जाएं तो शुभ फल की प्राप्ति होती है।
गेंदा वास्तव में एक फूल नहीं बल्कि छोटे-छोटे फूलों का एक गुच्छा है। गेंदे के फूल का संबंध बृहस्पतिदेव से भी है। इस फूल के प्रयोग से ज्ञान और विद्या की प्राप्ति होती है। इस फूल के प्रयोग से आकर्षण क्षमता बढ़ जाती है। जिससे इस पर्व पर गेंदा के फूल की मांग बढ़ जाती है।
होता है दोहरा फायदा
गेंदा की खेती का किसानों को दोहरा फायदा होता है। एक ओर तो यह खेती किसानों की माली हालत सुधार रही है। दूसरी तरफ इस खेती से फूल तोड़ने के बाद बचे अवशेष से हरी खाद की पूर्ति हो जाती है। जिससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ते हैं।
क्या कहते हैं किसान
- इस खेती से काफी फायदा मिल रहा है। एक बीघा खेती में डेढ़ से दो क्विंटल फूल तैयार हो जाते हैं। जिससे 8 से 10 हजार रुपये तक मुनाफा हो जाते हैं। एक बीघा खेती में लागत 2 से तीन हजार रुपये आती है। - आश कुमार, किसान।
- पिछले तीन सालों से गेंदा की खेती कर रहे हैं। दीपावली पर्व पर गेंदा का फूल तैयार हो जाता है और फिर बाजार में इसकी जमकर बिक्री होती है। यह फसल जब तैयार होती है उस समय प्राकृतिक आपदाओं का कहर नहीं होता है- विनोद चौहान, किसान।
- फूलों की खेती किसानों और खेतों के लिए बेहद फायदेमंद है। गेंदा फूल की खेती से खेतों की सेहत भी सुधरती है। किसान एक एकड़ में 8 से 10 क्विंटल फूल की पैदावार प्राप्त कर लेते हैं। - योगेश कुमार, उद्यान अधिकारी।