आगरा के लादूखेड़ा में पार्वती नदी में आई बाढ़ के चलते कैंटर बह गया। कैंटर सवार चार लोग डूब गए, जिनमें से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया। बताया गया है कि राजस्थान स्थित आगई बांध से पानी का डिस्चार्च किया गया। इस वजह से राजस्थान सीमा स्थित कुसेंडा गांव के पास बनी रपट पर पार्वती नदी सात फुट ऊंचा बह रही है। इसी वजह से ये हादसा हुआ। पानी में कैंटर सवार चार लोग डूब गए, जिनमें से दो को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया। दो की तलाश की जा रही है।
घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह कैंटर गोबर चौकी ताजगंज आगरा से लादूखेड़ा होते हुए कबाड़ा लेने मनिया जा रहा था। कैंटर में चालक सहित चार लोग सवार थे। आगरा ग्वालियर हाईवे स्थित टोल से बचने के लिए ड्राइवर कैंटर को राजस्थान स्थित कुसेंडा गांव के पास बनी रपट पर पार्वती नदी से होते हुए मनिया ले जा रहा था। रास्ते में ग्रामीणों ने कई बार ड्राइवर को उस रास्ते जाने से मना किया परंतु उसने किसी की ना सुनी।
ग्रामीणों के मना करने के चलते कैंटर सवार मुकेश पुत्र मोहन सिंह निवासी बमरौली कटरा नदी शुरू होने से पहले ही कैंटर से उतर गया। थोड़ा आगे ही रपट की ओर बढ़ते ही तीन फुट ऊपर बह रहे पानी के तेज बहाव के चलते कैंटर नदी में डूबने लगा। इस दौरान रवि पुत्र हीर सिंह निवासी गोबर चौकी ताजगंज कैंटर से कूद गया। कैंटर में पड़े कुछ प्लास्टिक के बोरों के सहारे मौके पर एकत्रित ग्रामीणों ने उसे एक टीले पर ले जाकर बिठा दिया, जिसे बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाहर निकाल लिया गया। चालक राकेश और मुकेश निवासी गोबर चौकी ताजगंज कैंटर के साथ नदी में डूब गए।
घटना के एक घंटे बाद राजस्थान प्रशासन मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से डूबे हुए दो लोगों की तलाश शुरू की गयी है। मुकेश ने बताया कि जलस्तर से इतना ऊपर पानी बहने के बाद भी रास्ते पर कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। यदि पुलिस द्वारा पहले से ही बैरिकेडिंग की गई होती तो शायद आज ये घटना होने से रोकी जा सकती थी।