फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood News:  यमुना किनारे रहने वाले रहें चौकन्ने, रात तक बढ़ेगा पानी; हेल्पलाइन नंबर किया जारी

Sat, 15 Jul 2023 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही बाढ़ का खतरा बरकरार है। यदि हथिनी कुंड बैराज से और अधिक पानी छोड़ा जाता है तो जलस्तर 499 से 500 फुट यानी मिड फ्लड लेवल पर आ सकता है।

 
विज्ञापन
यमुना का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी में शनिवार शाम तक जलस्तर में और बढ़ोतरी होने लगेगी। सिंचाई विभाग के मुताबिक शनिवार शाम से रविवार शाम तक यमुना जलस्तर में वृद्धि होगी, उसके बाद अगर पानी नहीं छोड़ा गया तो जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन


शनिवार और रविवार के बीच यमुना का जलस्तर 499 से 500 फुट यानी मिड फ्लड लेवल पर आ सकता है। ऐसे में यमुना के किनारे रहने वाले लोग चौकन्ने रहें। रात में यमुना का पानी बढ़ सकता है। प्रशासन ने बाढ़ के हालात से निपटने के लिए 47 बाढ़ चौकियां बनाई हैं, जिन पर अधिकारियों को तैनात किया गया है। नदी किनारे से हटाए गए लोगों के लिए 10 सुरक्षित शरण स्थल भी बनाए गए हैं।

ये भी पढ़ें -   तांत्रिक की दरिंदगी: तंत्र क्रिया के नाम पर महिला को ले गया मरघट, जबरन बनाए संबंध, वहीं पर खड़ी थी एक और औरत
विज्ञापन


 

निचले इलाकों से नाव से निकाले लोग

शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 493 फुट तक पहुंचने के बाद बाबरपुर, सिकंदरपुर, घटवासन, बसई, करमना, तनौरा नूरपुर और मेहरा नाहरगंज में नदी के किनारे बसी झोपड़ियों और मकानों के किनारे पानी आ गया। कई झोपड़ियों में पानी भरने पर प्रशासन ने नाव के जरिए लोगों और उनके सामान को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। शहर में कैलाश घाट से लेकर समोगर तक आठ जगह बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और यमुना नदी के किनारे बैरिकेडिंग की गई है।

ये भी पढ़ें -   Chandrayaan 3: जो गलती पहले की वो अब नहीं, चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर  जानें क्या बोले DEI के असिस्टेंट प्रोफेसर
 

नदी किनारे जाने से रोक रहे

प्रशासन ने यमुना नदी के किनारे कैलाश मंदिर, बल्केश्वर घाट और हाथीघाट पर बैरिकेडिंग करने के साथ ही यहां चेतावनी के लिए पीए सिस्टम लगवाया है ताकि लोगों को यमुना नदी के किनारे से दूर रहने के लिए कहा जा सके। शुक्रवार से ही बल्केश्वर और कैलाश घाट के किनारे जाने से लोगों को रोका जाने लगा है। प्रशासन ने हर राहत शिविर पर चिकित्सकों की टीम भी बनाई है, वहीं तहसील में कंट्रोल रूम भी शुरू कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारियों के साथ लेखपाल, नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

ये भी पढ़ें -   पत्नी प्रेमी के पास गई, पति ने छोड़ दी दुनिया: 'घरवाली' ने पुलिस के सामने कही दी ऐसी बात, जिसे सह न सका कलियान

 

हेल्पलाइन नंबर जारी

कंट्रोल रूम नंबर 0562-2210290, बाढ़ चौकी कैलाश मंदिर 9412330932, बाढ़ चौकी अमर विहार 8218947448, बाढ़ चौकी पोइया घाट 7830046407, बाढ़ चौकी बल्केश्वर घाट 8218947448, बाढ़ चौकी हाथी घाट 7060254099, बाढ़ चौकी नगला पैमा 7060254099, बाढ़ चौकी तनौरा नूरपुर 9412894551, बाढ़ चौकी समोगर 9456941958, बाढ़ चौकी अकोला 9456941958।

ये भी पढ़ें -  दो घंटे का निकाह:  तीन बार किया कुबूल, फिर बोला तलाक; दूल्हे की हरकत पर दुल्हन ने पूछा- मेरा क्या कसूर
 
विज्ञापन

47 बाढ़ चौकियां बनाईं

जिलाधिकारी आगरा नवनीत सिंह चहल ने बताया कि यमुना और चंबल नदी में बाढ़ की स्थिति देखते हुए 47 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। नदियों के जलस्तर पर हर घंटे निगाह रखी जा रही है। आपात स्थिति में लोगों को शिफ्ट करने के लिए शरण स्थल भी बना दिए गए हैं, जहां सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है। लोग डरें नहीं, प्रशासन की पूरी तैयारी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें