निचले इलाकों से नाव से निकाले लोग
शुक्रवार को यमुना का जलस्तर 493 फुट तक पहुंचने के बाद बाबरपुर, सिकंदरपुर, घटवासन, बसई, करमना, तनौरा नूरपुर और मेहरा नाहरगंज में नदी के किनारे बसी झोपड़ियों और मकानों के किनारे पानी आ गया। कई झोपड़ियों में पानी भरने पर प्रशासन ने नाव के जरिए लोगों और उनके सामान को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। शहर में कैलाश घाट से लेकर समोगर तक आठ जगह बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं और यमुना नदी के किनारे बैरिकेडिंग की गई है।
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नदी किनारे जाने से रोक रहे
प्रशासन ने यमुना नदी के किनारे कैलाश मंदिर, बल्केश्वर घाट और हाथीघाट पर बैरिकेडिंग करने के साथ ही यहां चेतावनी के लिए पीए सिस्टम लगवाया है ताकि लोगों को यमुना नदी के किनारे से दूर रहने के लिए कहा जा सके। शुक्रवार से ही बल्केश्वर और कैलाश घाट के किनारे जाने से लोगों को रोका जाने लगा है। प्रशासन ने हर राहत शिविर पर चिकित्सकों की टीम भी बनाई है, वहीं तहसील में कंट्रोल रूम भी शुरू कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारियों के साथ लेखपाल, नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
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हेल्पलाइन नंबर जारी
कंट्रोल रूम नंबर 0562-2210290, बाढ़ चौकी कैलाश मंदिर 9412330932, बाढ़ चौकी अमर विहार 8218947448, बाढ़ चौकी पोइया घाट 7830046407, बाढ़ चौकी बल्केश्वर घाट 8218947448, बाढ़ चौकी हाथी घाट 7060254099, बाढ़ चौकी नगला पैमा 7060254099, बाढ़ चौकी तनौरा नूरपुर 9412894551, बाढ़ चौकी समोगर 9456941958, बाढ़ चौकी अकोला 9456941958।
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