कासगंज। गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आने के बाद आगामी समय में राहत की उम्मीद है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में बाढ़ के पानी की निकासी अभी नहीं हो पा रही। खेतों और आबादी के बीच पानी फैला हुआ है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों को अब राहत मिलने की उम्मीद जागी है।
मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी के साथ 163.65 दर्ज किया गया। अभी भी निम्न बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नरौरा बैराज से सोमवार को 147051 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज मंगलवार को घटकर 113217 क्यूसेक रह गया है।
बाढ़ प्रभावित गांव मेहोल, पनसोती, मूंझखेड़ा, जिजौल, हिम्मतनगर बझेरा, नगला मुंता, उलाई खेड़ा, अजीतनगर, बमनपुरा, नगला खिमाई, कादरगंज खाम, रामताल, नगला टिकुरी, नगला दुर्गु, भगवंत नगला, नगला तिलक, नगला खिमाई गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। धीमे-धीमे पानी की निकासी शुरू हुई है। अभी राहत नहीं मिल पा रही। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों का जनजीवन ढर्रे पर नहीं लौट पा रहा।
खेतों में भी बाढ़ का पानी लगातार भरा हुआ है। वहां से भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही। मेहोला के ग्रामीण रामवीर ने बताया कि अभी पानी निकलने में समय लगेगा क्योंकि निचला इलाका होने के कारण पानी निकलने का रास्ता नहीं बन पाएगा। वहीं मूंझखेड़ा के पवन का कहना है कि कुछ राहत की उम्मीद पानी घटने से बन रही है। सड़कों का पानी उतर रहा है। खेतों में और आबादी के बीच पानी भरा हुआ है।
जलस्तर का लेखा जोखा
- 93012 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 50346 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 113217 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आई है। आगामी समय में और भी जलस्तर कम होगा। प्रभावित इलाकों में राहत लौटने लगी है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य का निरंतर परीक्षण कराया जा रहा है। बाढ़ चौकी और कंट्रोल रूम सक्रिय हैं।- अजय श्रीवास्तव, एडीएम।