कासगंज। गंगानदी का जलस्तर शनिवार को 10 सेंटीमीटर के इजाफे के साथ 163.80 पहुंच गया है। इससे अब मीडियम फ्लड के हालात हो गए हैं। घटते बढ़ते जलस्तर को देख सिंचाई विभाग ने गंगानदी में निगरानी तेज करते हुए बांधों की मरम्मत का काम भी तेज कर दिया है।
बैराजों से पानी का दबाव धीमे-धीमे बढ़ने लगा है। इसी के चलते पिछले दो दिन से लगातार नदी में पानी बढ़ता जा रहा है। अब कछला घाट पर भी बनीं झोपड़ियां भी पानी में डूब गईं हैं। इसके अलावा सहावर क्षेत्र के गांव बमनपुरा, उलाईखेड़ा, अजीतनगर, अर्जुनपुर, नगला खड़ुईया, पनसोती, नगला मुंता में कुछ दिनों पहले सड़कों पर बह रहा पानी उतर गया था।
लेकिन अब जलस्तर बढ़ने के साथ ही पानी फिर से सड़कों की ओर बढ़ने लगा है। कादरगंज खाम के पास कुछ बंधे कमजोर हो गए हैं। इन बंधों पर भी मनरेगा के तहत सिंचाई विभाग और विकास विभाग संयुक्त रूप से मरम्मत करवा रहे हैं। कभी तेज तो कभी मध्यम होती गंगा की धार से सड़कें भी कट गईं हैं। घटता बढ़ता पानी ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं होने दे रहा है। कादरगंज, गठौरा, हिम्मतपुर बझेरा सहित कई ग्रामों की फसलों में जमा पानी भी बाहर नहीं निकल पा रहा है। जिससे अधिकांश फसलें नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
गंगापार, बदहाली बरकरार
कासगंज जिले में पुल के दायीं तरफ के हालात फिर भी ठीक हैं, लेकिन कादरगंज पुल के बायीं तरफ गंगापार के गांवों में बदहाली कम होने का नाम नहीं ले रही। यहां कई दिनों से पानी जमा होने के कारण बीमारियां बढ़ने लगीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है।
ग्राम प्रधान ने डीएम को लिखा पत्र
- ग्राम पंचायत उलाईखेड़ा के प्रधान सत्यप्रकाश और भाजपा गंजडुंडवारा देहात मंडल के अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि गांव अजीतनगर से बमनपुरा के बीच सड़क कट गई है। इससे ग्रामीणों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। पुलिया भी बदहाल हो चुकी है। इससे समस्या बढ़ती जा रही है। इसे सही करने के इंतजाम करवाए जाएं।
जलस्तर का लेखा जोखा
- 100626 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 74773 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 175984 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
वर्जन-
- कछला गंगानदी में पानी फिर से बढ़ने लगा है। इससे जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। पानी अभी और बढ़ने की संभावना है। जिले की सीमा में फिलहाल कोई खतरा नहीं है।- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।