कासगंज। गंगानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जलस्तर 40 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी के साथ 163.90 पर पहुंच गया है। इससे गंगा का पानी फसली भूमि के बाद आबादी तक पहुंच गया है। इससे तराई के कई गांवों में ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ रही हैं। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से 1.3 मीटर दूर है।
हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते गंगा नदी के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को कछला गंगानदी में 1 लाख 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी हो गया है। इससे गंगा में मध्यम बाढ़ के हालात बन गए। बढ़ता जलस्तर एक ओर गंगानदी की लहरों में उफान बढ़ा रहा है। वहीं पानी फसली भूमि को पार करते हुए आबादी तक पहुंचा है।
सहवाजपुर के गांव उलाईखेड़ा, अजीतनगर, बमनपुरा, नगला ढाव, पटियाली के गांव कादरगंज, नगला तिलक सहित तराई के कई गांव की आबादी तक पानी पहुंचने लगा है। पानी अभी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
निगरानी पर मिलेंगे रुपये
गंगानदी की निगरानी सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट लोग भी जलस्तर की निगरानी में लगाए गए हैं। जलस्तर की निगरानी करने पर उन्हें रोजगार मिलेगा। 18 से अधिक ग्रामीणों की अलग-अलग टुकड़ियां बना दी गई हैं। निगरानी करने पर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से इन्हें पारिश्रमिक मिलेगा।
घरों के आगे लगा रहे मिट्टी
गंगानदी का पानी फसलों को जलमग्न करने के बाद आबादी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में चिंतित ग्रामीण पानी को झोंपड़ियों में घुसने से रोकने के इंतजाम में जुटे हैं। इसके लिए वे घरों के आगे मिटी लगा रहे हैं।
ग्रामीणों की बात-
- गांव की सीमा तक पानी बढ़ रहा है। फसलें जलमग्न हो गईं हैं। चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ हर साल दर्द देती है।- रामस्वरूप उलाईखेड़ा।
- फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के पानी से बरबादी बढ़ रही है। फसलों की बरबादी की ऐवज मुआवजा मिलना चाहिए। - अनोखे लाल, बमनपुरा।
शुक्रवार के जलस्तर पर एक नजर-
- 104813 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 123756 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 167329 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
कछलापुल पर जलस्तर-
- 163.90 मीटर शुक्रवार को कछला पुल पर रहा जलस्तर।
- 162.50 मीटर बृहस्पतिवार को कछला पुल पर रहा जलस्तर।
- 165.20 मीटर पर है कछला पुल का डेंजर लेविल।
- गंगानदी में बैराजों से पानी का दबाव बढने के कारण जलस्तर बढ़ गया है। अभी और जलस्तर बढने की संभावना है। खादर के खेतों तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर पर निगरानी के लिए विभागीय कर्मचारियों के अलावा ग्रामीाों का सहयोग ले रहे हैं- पंजाबी शर्मा, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी।