कासगंज में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा किए गए उपाय
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कासगंज। बैराजों से पानी का दबाव कम होने के बाद कछला गंगा नदी में जलस्तर 10 सेंटीमीटर घट गया है। जिससे बाढ़ का खतरा तो कम हुआ है, लेकिन कटान का खतरा बढ़ गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। सिंचाई विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पिछले कई दिनों से लगातार कछला गंगा नदी में बढ़ रहा जलस्तर मंगलवार से कुछ कम होने लगा है। क्योंकि बैराजों से पानी का दबाव भी कम हुआ है। मंगलवार को सोमवार की अपेक्षा गंगा नदी में 10 सेंटीमीटर तक पानी घट गया। सिंचाई विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। क्योंकि जलस्तर बढ़ने के बाद जब भी पानी कम होता है। तो कटान का खतरा बढ़ जाता है। जिसकी आशंका के चलते सिंचाई विभाग ने पटियाली क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। क्योंकि पटियाली कटान के लिए सबसे संवेदनशील है।
मंगलवार के जलस्तर पर एक नजर
- 69756 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 37830 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 80296 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
कछला पुल पर जलस्तर-
- 163.50 मीटर मंगलवार को कछला पुल पर रहा जलस्तर।
- 163.60 मीटर सोमवार को था कछला पुल पर जलस्तर।
- कछला गंगा नदी में बाढ़ के हालात नहीं हैं। बैराजों से पानी का दबाव कम होने के कारण कछला गंगा नदी में जलस्तर कम हो गया है। कटान न हो इसलिए कड़ी निगरानी कर रहे हैं। - पंजाबी शर्मा, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी, सिंचाई।