कासगंज। शासन ने धान की खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए सभी केंद्र व राइस मिल की जियो टैगिंग की प्रकिया अपनाई जाएगी। जिसके बाद सभी केंद्र व मिलों की भौगोलिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जिले में धान की खरीद के लिए प्रतिवर्ष 14 केंद्र बनाए जाते हैं। इन केंद्रों पर होने वाली खरीद को जिले में संचालित मिलों के माध्यम से चावल निकलवाने का कार्य होता है। सरकारी खरीद के समय क्रय केेंद्रों पर बिचौलियों के हावी रहने की शिकायतें शासन को मिलती रहती हैं। शासन ने खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए पहले भी कई कदम उठाए हैं।
इनमें किसानों का पंजीकरण अनिवार्य करना तथा किसानों के खातों में धन भेजने की व्यवस्था भी लागू है। ऐसी शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए इस बार धान खरीद में जियो टैगिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अक्टूबर माह में शुरू होने वाली खरीद से पहले इस व्यवस्था को पूरा किया जाना है। धान खरीद में इसके सफल होने के बाद गेहूं की खरीद में भी लागू किया जा सकता है।
- शासन से सभी केंद्र व मिलों की जियो टैगिंग कराने के निर्देश मिले हैं। इन निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया गया है। जल्द ही टैगिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - विजय कुमार शुक्ला, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।